आईडीसी के 222 प्लाटों का आवंटन रद किए जाने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार भी हरकत में आ गई है।
सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को आधार मानते हुए प्लाट आवंटन की जांच शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि आवंटन में खेल करने वाले अफसरों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने खास बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि औद्योगिक प्लाट आवंटन में धांधली हुई है।
हालांकि भरोसा भी दिलाया है कि उद्यमियों की परेशानियों को दूर किया जाएगा, लेकिन दोषी अफसरों को कतई नहीं बख्शा जाएगा।
हिसार रोड पर नई आईडीसी के 222 प्लाटों को लेकर पिछले महीने ही हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है। 2009 में आवंटित इन 222 प्लाटों के आवंटन में अनियमितता होने की बात कही गई थी और आवंटन के नियमों पर खरा नहीं उतरने वालों को भी प्लाट देने की बात कही गई।
हाईकोर्ट ने आवंटन रद कर दिया। उद्यमी लगातार मांग कर रहे थे कि उनका आवंटन रद करने की जगह एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
मंगलवार को रोहतक पहुंचे वित्त मंत्री ने कहा कि धांधली करने वालों के नाम सरकार उजागर करेगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
वित्त मंत्री कैप्टन का दावा है कि प्रदेश में धीरे-धीरे उद्योग बढ़ाए जा रहे हैं और उद्यमियों की समस्याएं सुनकर उनका निस्तारण किया जा रहा है।
गुड़गांव में मार्च में हैपनिंग हरियाणा केवल इसलिए ही कराया जा रहा है, जिससे विदेशी निवेश को यहां बढ़ाया जा सका। उसमें देश व विदेश के उद्यमी शामिल होंगे, जिससे बेहतर रणनीतियां बनाई जा सकें।