पिछले 91 दिन से लापता बाबा मस्तनाथ विवि के फिजियोथेरेपिस्ट जयदीप की एक महिला से नजदीकी संबंध के चलते अपहरण कर हत्या की गई थी। आरोपियों ने जयदीप के शव को चरखी-दादरी के पैंतावास गांव में जिंदा दफन कर दिया था। पुलिस ने पैंतावास गांव निवासी आरोपी हरदीप और धर्मपाल की निशानदेही पर 7 फीट गहरे गड्ढे से हाथ बंधा शव बरामद कर लिया है।
मूलरूप से झज्जर के मांडोठी निवासी जयदीप का परिवार यहां अस्थल बोहर में रहता है। जयदीप पिछले कुछ समय से रोहतक की जनता कॉलोनी में अकेले किराये पर रह रहे थे। 24 दिसंबर को वे संदिग्ध हालात में लापता हो गए। 3 फरवरी को जयदीप के ताऊ ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस लगातार इस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर पैंतावास गांव निवासी हरदीप और धर्मपाल को गिरफ्तार किया तो उन्होंने हत्या का राज कबूल लिया। इसके बाद सोमवार की शाम डयूटी मजिस्ट्रेट और एएसपी की अगुवाई में पुलिस की चार टीमाें ने शव निकलवाया। देर रात शव पोस्टमार्टम के लिए पीजीआईएमएस लाया गया।
पत्नी से हो चुका था तलाक
पुलिस के मुताबिक, जयदीप (45) का पत्नी से तलाक हो चुका था। वह बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में बतौर फिजियोथेरेपिस्ट थे। बताया जाता है 24 दिसंबर को जनता कॉलोनी से कुछ लोगों ने उनका अपहरण कर लिया था। जब वे कई दिन तक लापता रहे तो ताऊ ईश्वर ने उनकी तलाश शुरू की। कोई सुराग नहीं लगने पर 3 फरवरी को शिवाजी कॉलोनी में गुमशुदगी दर्ज करवाई।
विरोध करने पर गाड़ी में बांध दिए थे हाथ
पुलिस पूछताछ में हरदीप और धर्मपाल ने बताया है कि गांव के राजकरण के साथ मिलकर उन्होंने जयदीप का अपहरण किया था। गाड़ी में बैठने के दौरान जब उसने विरोध किया तो इन लोगों ने उसके हाथ बांध दिए। पैंतावास गांव में जाकर 7 फीट गहरे गड्ढे़ में दबा दिया। जयदीप की हत्या के पीछे एक महिला से नजदीकी संबंधों की बात सामने आ रही है।
शिवाजी कॉलोनी थाने में जयदीप की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। जांच के दौरान संदेह के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया है। अभी कुछ आरोपी पकड़ से बाहर हैं।
-वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी रोहतक।