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पीजीआईएमएस में अब कोरोना जांच के बाद हो सकेंगी इलेक्टिव सर्जरी

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रोहतक। कोरोना संक्रमण के कारण पीजीआईएमएस रोहतक में पिछले लंबे समय से रुकी इलेक्टिव सर्जरी शुरू होने का मार्ग खुलने जा रहा है। इसके लिए संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमजी वशिष्ठ ने संस्थान के सभी सर्जनों के साथ अहम बैठक की। बैठक में निर्णय लिया गया कि ऑपरेशन से पहले मरीज की कोरोना जांच की जाएगी। इस फैसले पर निदेशक डॉ. रोहताश कंवर यादव व कुलपति डॉ. ओपी कालरा की मुहर भी लग चुकी है।
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संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमजी वशिष्ठ के नेतृत्व में हुई सर्जनों की बैठक में इलेक्टिस सर्जरी शुरू होने का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। बैठक में तय किया गया है कि कोरोना टेस्ट आपात सर्जरी के अलावा इलेक्टिव सर्जरी से पहले मरीजों का किया जाना चाहिए। मरीज की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सर्जरी की तारीख तय होगी। यदि कोई आपात सर्जरी करनी पड़ती है तो सुरक्षा इंतजामों के साथ सर्जरी करेंगे। यदि माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की वायरोलॉजी लैब मरीज की रिपोर्ट जल्द देती है तो सही होगा। यदि रिपोर्ट में समय लगेगा और मरीज की जान को खतरा होगा तो पीपीई किट आदि के साथ ऑपरेशन किया जाएगा। पीपीई किट का खर्च कम करने के लिए ऑपरेशन टेबल के स्टाफ में कमी कर दी जाएगी।
सर्जनों ने माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष से कहा कि वह आपात विभाग के मरीजों की जांच रिपोर्ट जल्द देने का प्रयास करें। यदि मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उसे सामान्य मरीजों के साथ रखेंगे, नहीं तो आइसोलेशन वार्ड या कोविड अस्पताल में दाखिल किया जाएगा। वहीं महिला रोग विभाग में डिलिवरी के लिए आने वाली महिलाओं की भी जांच होनी चाहिए या नहीं, इसका फैसला विभाग के डॉक्टर करेंगेे। महिला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिति नंदा अपने विभाग के डॉक्टरों से बात कर इस संबंध में रूपरेखा तय करेंगी।
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अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमर उजाला ने 10 मई को मरीजों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसमें बताया गया था कि रोजाना 150 से अधिक मरीज सर्जरी बंद होने के कारण परेशान हैं। वह ऑपरेशन करवाने के लिए मजबूरी में दिल्ली जाने को विवश हैं। इसके साथ ही दिल्ली जाने पर कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और मरीज संक्रमित होकर वापस पीजीआईएमएस में उपचार के लिए आता है।
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