पीजीआईएमएस में अनुबंध पर कार्यरत 1100 से अधिक बैरर, डाटा एंट्री ऑपरेटर व मिसलीनियस कर्मचारियों की आवाज आखिर एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) अधिकारियों के कानों तक पहुंच ही गई। इन कर्मचारियों की शिकायत के बाद पीजीआई प्रशासन ने इनकी रिपोर्ट एचकेआरएन को भेज दी है।
इससे कर्मचारियों को खुद के निगम में शामिल होने की आस बन गई है। इधर, सीएम फ्लाइंग ने भी वीरवार को संस्थान में कंपनी रिकॉड खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
पीजीआईएमएस में ठेके तहत कार्यरत बैरर, डाटा एंट्री ऑपरेटर व अन्य कर्मचारियों ने अपने ऊपर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आरोप ठेकेदार पर लगाए हैं। इसमें कर्मचारियों को वेतन काटना, अनुबंध के तहत काम लिया जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों ने एचकेआरएन में शिकायत दी थी। इसके बाद संस्थान ने कर्मचारियों की सूची तैयार कर निगम को भेज दी है। इस संबंध में प्रशासन की ओर से लिखित पत्र जारी कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों को राहत की आस बंधी है।
इधर, वीरवार को सीएम फ्लाइंग की टीम पीजीआई पहुंची। टीम ने यहां रेडियोलॉजी विभाग में करीब तीन घंटे पूछताछ व छानबीन की। यहां कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई। इसमें उन्हें वर्दी न मिलने, वेतन काटे जाने, अवकाश न दिए जाने व अन्य सवाल शामिल रहे। टीम कुछ दस्तावेज भी जुटाने में सफल रही। इनके आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
यह है मामला
पीजीआईएमएस में करीब 50 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। इस में निजी कंपनी व प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में कुछ कर्मचारियों ने लिखित शिकायत दी है। इसमें बड़े स्तर पर कर्मचारियों की संख्या व उनके खातों में हेरफेर कर वेतन के जरिए मोटा गोलमाल करने की बात कही गई है। इसमें एक ही व्यक्ति को अलग-अलग पदों पर दिखाया गया है। साथ ही उसकी योग्यता भी उस पद के समकक्ष नहीं है। ऐसे में काम की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है। इस मामले में अब सीएम फ्लाइंग भी जांच करने पहुंची। टीम ने कुछ दस्तावेज भी जुटाए हैं।