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पीजीआईएमएस का डेंटल कॉलेज देशभर में तीसरे स्थान पर

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पीजीआईएमएस का पोस्ट ग्रेजूएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज हर साल की तरह 2020 में भी देश के टॉप टेन डेंटल कॉलेजों की सूची में शामिल हो गया है। इस बार भी देश भर के डेंटल कॉलेजों में पीजीआईडीएस को तीसरा स्थान मिला है। एमडीआरए (मार्केटिंग ऐंड डेवलेपमेंट रिसर्च एसोसिएट) सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट में संस्थान की यह उपलब्धि मिली है। इस चयन का आधार कॉलेज की शिक्षा प्रणाली, बेहतरीन आधारभूत संरचना, कैरियर निर्माण व प्लेसमेंट जैसी सुविधाएं हैं।
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पीजीआईडीएस की देश में बनी छवि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां एमडीएस की 33 सीटों के लिए उम्मीदवारों को कांटे की टक्कर का सामना करना पड़ता है। बीडीएस के टॉप टेन रैंक वाले विद्यार्थियों में से अधिकांश यहां पर एमडीएस करने आते हैं। यहां बीडीएस की पहले 60 सीट थी, लेकिन संस्थान की योग्यता को देखते हुए इसे 100 सीट की मंजूरी दे दी गई। यहां 300 से अधिक आधुनिक डेंटल चेयर हैं और पूरा भवन वातानुकुलित है। संस्थान के पास 60 लाख रुपये की डेंटल सिटी स्कैन मशीन, 15-15 लाख रुपये के दो डेंटल ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप, 25 लाख रुपये का रिसर्च माइक्रोस्कोप, सिरेमिक मशीन, दस आरबीजी मशीन, मोबाइल डेंटल वैन, दस कंप्यूटर डेंटल एक्सरे मशीन आदि कई अन्य आधुनिक सुविधाएं यहां मौजूूद हैं। इसके अलावा विभाग ने 24 घंटे की आपातकालीन सेवाएं शुरू कर रखी हैँ। इसके अलावा नये ऑपरेशन थियेटर में सर्जरी भी शुरू कर दी गई है। यहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी में जांच होती है। इसके अलावा 200 मेजर ऑपरेशन व करीब 400 सामान्य ऑपरेशन प्रति माह होते हैं। यहां मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में 20 बेड हैं, इसमें गंभीर मरीजों को रखा जाता है। पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए यहां प्रिंसिपल डॉ. संजय तिवारी के साथ 76 एमडीएस डॉक्टर मौजूद हैं।
संस्थान को मिली कामयाबी का श्रेय कुलपति डॉ. ओपी कालरा, रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल, पीजीआईडीएस की फैकेल्टी व हमारे विद्यार्थियों को जाता है। अधिकारियों के सहयोग से हमें हर जरूरत की चीज मिलती है और हमारे डॉक्टर व विद्यार्थी उनकी मदद से ऐसा काम करते हैं कि दिल्ली व दूसरे राज्यों से भी मरीज उपचार के लिए हमारे पास आते हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण वेटिंग भी रहती है, लेकिन इमरजेंसी के केस तत्काल किए जाते हैं। यही वजह है कि लोगों को हमारे संस्थान के प्रति विश्वास कायम है। इसके अलावा एमडीएस करने वालों की पसंदीदा जगह पीजीआईडीएस रोहतक ही है।
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- डॉ. संजय तिवारी, प्रिंसिपल, पीजीआईडीएस, पीजीआईएमएस रोहतक
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