कोविड-19 के संक्रमण काल में पीजीआईएमएस का ब्लड बैंक संकट के दौर से गुजर रहा है। यहां सबसे अधिक एबी व ए ब्लड ग्रुप की कमी है। इसके चलते यहां मरीजों को हर दिन परेशानी हो रही है। सामान्य दिनों में यहां 250 के करीब ब्लड यूनिट की जरूरत होती थी, जबकि वर्तमान में 150 यूनिट के करीब रक्त की जरूरत है। अधिकांश रक्त यूनिट समाज सेवी संस्थाओं द्वारा लगाए जाने वाले रक्तदान शिविर से आता है।
पीजीआईएमएस का मॉडल ब्लड बैंक इन दिनों स्वयं रक्त के अभाव में चल रहा है। इसकी मुख्य वजह यह है कि सामान्य दिनों में यहां प्रतिदिन दो से तीन रक्तदान शिविर लगते थे। इन शिविरों से संस्थान की जरूरत का अधिकांश रक्त मिल जाता था। लेकिन अब कोरोना के संक्रमण काल में रक्तदान शिविर लगने लगभग बंद हो गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग व संक्रमण के डर के चलते रक्तदान शिविरों में कमी आई है। स्थिति यह है कि पीजीआईएमएस आने वाले मरीजों से डोनर की डिमांड की जाने लगी है। प्रतिदिन 150 यूनिट रक्त को पूरा करना ब्लड बैंक के लिए मुसीबत बना हुआ है। स्थिति यह है कि तीन से चार दिन के अंतराल में रक्तदान शिविर लगते हैं। गनीमत यह है कि फिलहाल संस्थान में इलेक्टि सर्जरी रुकी हुई है, इसके चलते रक्त की जरूरत कम हो गई है।
गोहाना में रक्तदान शिविर लगाने की नहीं मिली अनुमति
सूत्रों के अनुसार एक समाजसेवी संस्थान गोहाना में रक्तदान शिविर लगवाना चाहते थे, लेकिन सोनीपत प्रशासन ने इसके लिए अनुमति नहीं दी। कोरोना के संक्रमण काल में रक्तदान शिविर लगाने में प्रशासनिक स्तर पर भी समस्या आ रही है। सभी अधिकारी कोरोना के संक्रमण को फैलने को रोकने के लिए प्राथमिकता दे रहे हैं।
एबी व ए ग्रुप के ब्लड की कमी है। 31 मई के बाद चार जून को रक्तदान शिविर लगा है, रक्तदान शिविर न लगने के चलते समस्या हो रही है। इसके लिए समाजसेवी लोगों से बातचीत की जा रही है कि वह रक्तदान शिविर लगवाएं। इसके अलावा जो व्यक्ति स्वस्थ्य है उसे रक्तदान करने में कोई समस्या नहीं है। जो संस्थाएं रक्तदान शिविर लगा रही हैं वह सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखती हैं। मरीजों से हम अपील करते हैं कि वह अपने करीबियों से आग्रह करें कि वह रक्तदान करें। जब ब्लड बैंक में रक्त होता है तो मना नहीं किया जाता। दूसरे जिले में रक्तदान शिविर के मना करने की बात हमारी नहीं है, किसी आयोजक को सोनीपत के प्रशासन ने शिविर लगाने से मना किया था। आयोजक गोहाना में शिविर लगवाना चाहता था। हमारे यहां अभी भी 135 से 145 यूनिट ब्लड की प्रतिदिन की खपत है।
डॉ. गजेंद्र, विभागाध्यक्ष, मॉडल ब्लड बैंक, पीजीआईएमएस।