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Rohtak News: देश का 12वां और प्रदेश का पहला डेंटल कॉलेज बना पीजीआईडीएस

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42-पीजीआईडीएस में मरीजों के दांत जांचते चिकित्सक। संस्थान
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रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) ने शोध कार्यों और इलाज के बूते देश भर के डेंटल कॉलेजों में 12वां स्थान हासिल किया है। इसने शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एनआईआरएफ रैंकिंग में 11 पायदान की शानदार छलांग लगाई है। पिछले वर्ष यह 23वें स्थान पर रहा था।
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देश के सिर्फ सरकारी डेंटल कॉलेजों को लें तो एम्स दिल्ली, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और केजीएमयू लखनऊ के बाद पीजीआईडीएस, चौथे स्थान पर है। प्रदेश का पहला संस्थान बनने का गौरव भी पाया है। प्राचार्य ने इसका श्रेय सबकी मेहनत को दिया है।
यूं मिले अंक
एनआईआरएफ रैंकिंग अलग-अलग मानकों में सौ में से प्राप्त अंकों के आधार पर तय होती है। इसमें टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च में इसे 79.56 अंक मिले हैं। रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में 28.65, ग्रेजुएशन आउटकम में 86.66, आउटरीच एंड इनक्लूसिविटी में 55.41 और परसेप्शन में 66.92 अंक हासिल हुए। इसी आधार पर 12वां स्थान मिला है।
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वर्जन :
एनआईआरएफ रैंकिंग में देश में 12वां स्थान फैकल्टी, बेहतर शैक्षणिक माहौल, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की मेहनत से मिला है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का दर्जा देते हुए 17 करोड़ का बजट दिया है। इससे व्यवस्थाएं बेहतर बनाने में मदद मिली है। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने भी पूरा सहयोग दिया है। डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस।

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एमडीयू का फार्मेसी विभाग पांच अंक नीचे, प्रदेश में अब भी नंबर-1
देशव्यापी रैंकिंग 38 से लुढ़क कर आ गिरी 43 पर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। एनआईआरएफ रैंकिंग में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के फार्मास्युटिकल विभाग ने प्रदेश में पहली व देश में 43वीं रैंक हासिल की है। यह और बात है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इसकी रैंकिंग पांच अंक लुढ़की है। 2024 में यह 38वें पायदान पर था।
यूनिवर्सिटी ने रैंकिंग में गिरावट के पीछे नए प्रतिभागियों की संख्या बढ़ने का तर्क दिया है। हालांकि, विभाग को अलग-अलग मानकों में से सबसे कम अंक आम लोगों की धारणा (परसेप्शन) में मिले हैं। यहां यूजी कोर्स में 272 और पीजी कोर्स में 107 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
संस्थान को टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च में 100 अंक में 56.20, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में 49.36, ग्रेजुएशन आउटकम में 73.46, आउटरीच एंड इनक्लूसिविटी में 49.21 और परसेप्शन में 31.16 अंक मिले हैं।


आईआईएम रोहतक सात पायदान नीचे आकर देश में 19वें नंबर पर
रोहतक। एनआईआरएफ रैंकिंग में प्रबंधन संस्थानों की लिस्ट में आईआईएम रोहतक सात पायदान लुढ़क गया है। हरियाणा के इस इकलौते आईआईएम की इस बार देशव्यापी रैंक 19 आई है। पिछले वर्ष यह 12 थी।
आईआईएम की ओर से एनआईआरएफ रैंकिंग-2025 के लिए प्रस्तुत रिकॉर्ड में बताया गया है कि सत्र 2023-24 में यहां दो साल के पीजी कोर्स में कुल 630 विद्यार्थी थे। इनमें 48 हरियाणा के हैं, जबकि शेष 582 दूसरे राज्यों के मूल निवासी हैं।
2023-24 में यहां से पासआउट सभी 227 विद्यार्थियों को औसतन 19.27 लाख का पैकेज मिला था। संस्थान ने 2022-23 में 4.84 करोड़ से लाइब्रेरी के लिए किताबें, ई-जर्नल आदि खरीदे थे। 2023-24 में करीब 40 लाख ज्यादा (5.28 करोड़) खर्च किए लेकिन पुरानी रैंकिंग ही नहीं बचा सके।
संस्थान को टीचिंग लर्निंग एंड रिसर्च में सौ में से 71.95 अंक, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस में 42.51, ग्रेजुएशन आउटकम में 88.86, आउटरीच एंड इनक्लूसिविटी में 75.75 व परसेप्शन में 30.74 अंक मिले हैं। संवाद
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