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ट्रामा सेंटर में दुर्घटना में घायल महिला की मौत पर हंगामा

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पीजीआईएमएस के ट्रामा सेंटर में रविवार देर रात एक घायल महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर मरीज का इलाज करने की बजाय कमरे में बैठकर नमकीन खाते रहे और उसको समय पर इलाज नहीं मिल सका। वहीं, पीजीआई प्रशासन ने माहौल को देखते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पीजीआई थाना प्रभारी देवी सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। वहीं, ट्रामा सेंटर के जीडीएमओ डॉ. इमरान खान ने कहा कि महिला के सिर में अंदरूनी चोट लगी थी। डॉक्टरों ने अपना काम किया। मामले को लेकर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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भाली निवासी राकेश का कहना है कि उसकी 50 वर्षीय मां सूरजमुखी अपने पति जयभगवान के साथ कही जा रही थी। बाइक से जाते समय डोभ बाईपास पर संतुलन बिगड़ने से बाइक गड्ढे में जा गिरी। बाइक पर सवार उसके पिता जय भगवान और मां सूरजमुखी दोनों घायल हो गए। आसपास के लोगों ने इलाज के लिए पीजीआई में भर्ती कराया। इसके बाद देर रात करीब सवा 11 बजे चिकित्सकों ने सूरजमुखी को मृत घोषित कर दिया गया। इस पर परिजन बिफर पड़े और हंगामा शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख पीजीआई प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। इसके कुछ ही देर में पुलिस बल ट्रामा सेंटर पर तैनात हो गया। देर रात तक ट्रामा सेंटर में तनाव का माहौल बना रहा।
नमकीन खाते रहे डॉक्टर, बुलाने पर भी नहीं आए
राकेश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर समय पर आ जाते तो उसकी मां की जान बच सकती थी। सूरजमुखी की जान बचाने के लिए कई बार डॉक्टर को बुलाया गया। इसके बावजूद वहां कोई नहीं पहुंचा। डॉक्टर अपने कमरे में बैठे नमकीन खाते रहे और मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला।
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कर्मचारी की पिटाई, धक्के दे कर बाहर निकाला
राकेश का कहना है कि उसकी मां की हालत ज्यादा खराब थी। डॉक्टर ने उसे खून चढ़ाने की जरूरत बताई। इसके चलते गांव से उसने रिश्तेदार रक्त देने को मौके पर पहुंचे लेकिन ट्रामा सेंटर में आते ही अनुबंधित कर्मचारी ने पीटा और धक्के मार कर बाहर निकाल दिया।
ट्रामा सेंटर में मरीज की मौत के बाद डॉक्टर ने भी काम बंद कर दिया। मरीज के परिजनों के हंगामे से नाराज डॉक्टर काम छोड़कर एक ओर बैठ गए। डॉक्टरों का कहना है कि हम पर आरोप लगाया जा रहा है। जबकि मरीज की पूरी देखभाल की जा रही थी। फिर भी यदि किसी परिजन को कोई आपत्ति है तो मामले की जांच करा सकते हैं। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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