रोहतक। पीजीआईएमएस के आपातकालीन और महिला रोग विभाग की तरह पूरा संस्थान जल्द ही सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगा। इससे पूरे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो जाएगी। संस्थान की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार है और इसे अधिकारियों की अंतिम मुहर का इंतजार है। सुरक्षा की दृष्टि से संस्थान में 272 नए प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां सीसीटीवी कैमरों को लगाया जाना है।
ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले सात से आठ हजार मरीज, वार्ड में दाखिल 2200 मरीज और हजारों डॉक्टर, नर्स व स्टाफ की सुरक्षा का जिम्मा 680 निजी सुरक्षा गार्डों, सुपरवाइजरों व सहायक सुरक्षा अधिकारियों के जिम्मे है। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल होने के चलते यहां जेब तराशी व वाहन चोरी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। इसके अलावा संस्थान में अवैध रूप से निजी इम्प्लांट सप्लायर, निजी लैबों के कर्मचारी, निजी दवा विक्रेता, निजी अस्पतालों के दलाल भी यहां भ्रमण करते रहते हैं और अपना शिकार तलाशते हैं। इन सभी पर नजर बनाए रखने के साथ इनके खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्रित करने के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
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सीसीटीवी कैमरे की जरूरत के कारण
1. पीजीआईएमएस में बच्चा चोरी की घटना के दो साल बाद भी खुलासा नहीं
2. कैंपस में रह रहे डॉक्टरों व स्टाफ पर होते रहते हैं अक्सर हमले
3. करोड़ों रुपये की मशीनों की सुरक्षा सिर्फ गार्डों के भरोसे
4. संस्थान में महिला डॉक्टरों, छात्राओं की सुरक्षा भी सिर्फ सुरक्षा गार्डों के भरोसे
5. भीड़ में असामाजिक तत्वों का रहता है आवागमन
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सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है। इससे सिस्टम हाईटैक हो जाएगा। इस संबंध में संबंधित विभाग से बात की जाएगी कि प्रपोजल फाइल कहां पहुंची है। फिलहाल हमारे पास पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड हैं। मुख्य सुरक्षा अधिकारी को कहा जाएगा कि वह सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करें।
- डॉ. गजेंद्र, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस