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Rohtak News: पीजीआई ने दवा व ऑपरेशन का सामान बाहर से मंगवाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ बिठाई जांच

Wed, 15 Apr 2026 04:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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15-डीएमईआर की ओर से भेजे गए नोटिस के साथ चस्पा खबर। आठ अप्रैल को प्रका​शित खबर।
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अभिषेक कीरत
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रोहतक। पीजीआई में मरीजों से दवा और आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन का सामान बाहर से मंगवाने के बाद संस्थान प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ जांच बिठा दी है। मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग (डीएमईआर) के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अव्यवस्थाओं को लेकर सख्ती दिखाई है।
यही नहीं, संस्थान के निदेशक डॉ. एसके सिंघल और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कुंदन मित्तल को 8 अप्रैल को नोटिस जारी कर दो दिन में आठ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण रिपोर्ट भेजने का अल्टीमेटम दिया था। इस पर प्रशासन ने रिपोर्ट भेज दी है लेकिन कार्रवाई अभी अधूरी है।
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डॉ. एसके सिंघल ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर अत्री व इनके वार्ड की सीनियर नर्सिंग अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पीजीआई में अव्यवस्थाओं को लेकर चलाए गए अभियान दवाई लाओ-इलाज कराओ के तहत प्रकाशित खबरों के बाद डीएमईआर ने कार्रवाई की है। प्रकाशित खबरों की प्रतियां लगाकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।



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ग्लूकोज चढ़ाने की नली, दवाइयां और इंजेक्शन बाहर से खरीदने पर लिया संज्ञान
डीएमईआर ने पीजीआई में आवश्यक दवाओं व उपचार सुविधाओं की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। डीएमईआर ने प्रशासन से मरीजों को जरूरी दवाइयां, इंजेक्शन, आईवी कैनुला (ग्लूकोज चढ़ाने की नली) व जांचें निजी स्तर पर कराने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मरीजों को ये दवाएं अपने खर्च पर खरीदनी पड़ रही हैं।

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वार्डों व आईसीयू में चूहों का घूमना अस्पताल प्रबंधन की विफलता बताया
डीएमईआर की ओर से कहा गया है कि डॉक्टरों की ओर से ऐसी दवाएं लिखी जा रही हैं जो अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं हैं। इसको गंभीर लापरवाही बताते हुए जवाबदेही तय करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, आईसीयू व वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चूहों के घूमने व अन्य सेवाओं की कमी पर भी नाराजगी जताते हुए इसे अस्पताल प्रबंधन की बड़ी विफलता बताया है।


जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई के दिए निर्देश
डीएमईआर ने पीजीआई प्रशासन से इस मामले को गंभीर मानते हुए दो दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इसमें दवाइयों की कमी के कारण, सप्लाई चेन में खामियां, इन्वेंट्री प्रबंधन, हाउसकीपिंग व पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था सहित जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान व उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण शामिल करने को कहा गया है। साथ ही, तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और दीर्घकालिक सुधार योजना भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मेडिकल सुपरिंटेंडेट का दावा...नहीं आया नोटिस
पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेट डॉ. कुंदन मित्तल ने दावा किया कि डीएमईआर या अतिरिक्त मुख्य सचिव की तरफ से कोई नोटिस नहीं आया। मेरे पास ऐसे कोई निर्देश नहीं आए हैं। वह रिपोर्ट भेजने को लेकर पूछे गए सवाल पर भी बोलने से बचते नजर आए।

15-डीएमईआर की ओर से भेजे गए नोटिस के साथ चस्पा खबर। आठ अप्रैल को प्रकाशित खबर।

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