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वीवीआईपी ध्यान से आए पीजीआई, जगह-जगह है कोरोना के मरीज...

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PGI came from VVIP attention, corona patients are everywhere ... - फोटो : RohtakCity
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सूबे के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआईएमएस में यदि कोई वीवीआईपी उपचार के लिए आता है तो ध्यान से आए, क्योंकि यहां जगह-जगह कोरोना के मरीजों को रखा जा रहा है। कोरोना के नाम पर संस्थान के सभी स्पेशल वार्ड व वीवीआईपी चार कमरों को भी रिजर्व कर लिया गया है। यहां किसी भी नॉन कोविड वीवीआईपी मरीजों के दाखिल होने की अलग व्यवस्था नहीं की गई है। इसी का परिणाम शुक्रवार रात पुडुचेरी की उपराज्यपाल चंद्रावती को झेलना पड़ा।
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पीजीआईएमएस ने कोविड मरीजों के नाम पर पूरे संस्थान को स्वयं हॉट स्पॉट बना दिया है। यहां वार्ड एक, सात, 24, 25, 26 को कोरोना के नाम पर रिजर्व कर दिया गया है। निजी लाभ को देखते हुए एक स्पेशल वार्ड में आधे वार्ड को कोरोना के नाम पर रिजर्व कर दिया, जबकि दूसरी ओर हार्ट के मरीजों का आईसीयू है। अधिकारी वीवीआईपी के लिए अलग स्पेशल वार्ड बनाना भूल गए। संस्थान की बात करें तो यहां कई भागों में कोरोना के मरीजों को रखा जा रहा है। ऐसे में यहां अधिकारी तय नहीं कर सकता कि वीवीआईपी को वह कहां रखेंगे, जिससे वह कोरोना का शिकार नहीं होगा। ट्रॉमा सेंटर, सी-ब्लाक, वार्ड 24, 25 व 26 में कोरोना के मरीजों को रखा जा रहा है। इसके अलावा अन्य स्पेशल वार्ड को डॉक्टर व नर्सों के लिए क्वारंटीन सेंटर के रूप में प्रयोग में लिया जा रहा है। वहीं, आपातकालीन विभाग के कुछ डॉक्टरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनके पास लिखित आदेश हैं कि स्पेशल वार्ड कोरोना के लिए रिजर्व है। स्पेशल वार्ड में दाखिल करने के लिए उन्हें एचओडी की अनुमति चाहिए होती है। यदि डॉक्टर को लगता है तो मरीज को स्पेशल वार्ड दिया जाना चाहिए तो वह सीनियर की मंजूरी ले कर आता है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि उन तक बात ही नहीं आई, मरीज को बाहर से ही परिजन ले कर चले गए।
पूर्व उपराज्यपाल को राहत, अभी नहीं दी कोई शिकायत
शहर के निजी अस्पताल में उपचाराधीन पूर्व उप राज्यपाल चंद्रावती के साथ आए उनके परिजन जगजीत ने बताया कि मरीज को अब आराम है। कूल्हे की हड्डी पर खींच लगा रखी है। अब वह आराम से खा-पी रही हैं। फिलहाल अभी उन्होंने पीजीआईएमएस के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। जब उन्हें आराम होगा तो वह इस बात का निर्णय स्वयं लेंगी। सच्चाई यही है कि पीजीआईएमएस को ऐसा नहीं करना चाहिए था, जो शुक्रवार रात को उन्होंने किया। मौके पर किसी सीनियर डॉक्टर ने मरीज को देखने की जहमत तक नहीं उठाई, सभी टालमटोल कर रहे थे।
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इस मामले में मेरे पास कोई शिकायत नहीं है। यदि कोई शिकायत आती है तो अगली कार्रवाई करेंगे।
डॉ. संदीप, डीएमएस एवं अपातकालीन विभाग प्रभारी, पीजीआईएमएस।
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