फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल पंप कर्मियों का हत्या का आरोपी गिरफ्तार

विज्ञापन
petrol pump servants murder accused arrested - फोटो : Hisar
विज्ञापन
सिरसा रोड स्थित गोयल ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर दो कर्मियों की हत्या मामले में पुलिस ने वारदात के 5वें दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने करीब एक हजार लोगों से पूछताछ की थी।
विज्ञापन

पुलिस का कहना है कि 28 वर्षीय आरोपी नशे का आदी था और नशे की पूर्ति के लिए रुपये न होने पर इसने वारदात को अंजाम दिया था। पिछले माह भी बगला रोड पर स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन पर रात करीब दो से तीन बजे के बीच दो कर्मियों पर इसी आरोपी ने वहां पंप पर पड़े जेनरेटर की हत्थी से समय हमला किया था। उस दौरान आरोपी उनसे करीब 4700 रुपये लूट कर फरार हो गया था।
इस तरह किया काबू
पत्रकारवार्ता के दौरान एसपी बलवान सिंह राणा ने बताया कि 25 सितंबर को हुई पेट्रोलपंप कर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिले के करीब एक हजार संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। इनमें वे लोग भी शामिल थे जो नशे के आदी थे या जेल से आए थे। इसी बीच तीन लोगों की पहचान शक के आधार पर की गई। इनमें से दो को तो पकड़ लिया, लेकिन हत्यारोपी अभी भी पुलिस से बच रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे घर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के बारे में पुलिस ने बताया कि वह गोयल ब्रदर्स के सिरसा रोड स्थित पेट्रोल पंप से 5 से 7 किलोमीटर की दूरी का निवासी है। हालांकि पुलिस इस आरोपी का नाम व उसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं बता रही, लेकिन उस पंप के पास गांव ढंढूर, दुर्जनपुर सहित कई गांव आते हैं। ऐसे में आरोपी इन गांवों में से ही एक गांव का हो सकता है।
विज्ञापन

स्मैक के लिए रोज होता था झगड़ा
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह पहले सुल्फा पीता था। फिर वह चूरापोस्त मामले में तीन वर्ष जेल में भी रहा। इसके बाद वह जेल से आया तो उसकी शादी हुई। शादी के बाद वह स्मैक का सेवन करने लगा। स्मैक खरीदने के लिए घर के रुपये व अन्य सामान भी बेच दिया। नशे की पूर्ति के लिए रुपये न होने पर परेशान रहने लगा। आरोपी ने बताया कि उसके पिता सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त थे। उनका देहांत हो चुका है। उसकी माता को पेंशन मिलती है, वह उसे भी ले लेता था। जिस कारण घर में झगड़ा रहने लगा। झगड़े के चलते उसने जेल में मिले दोस्तों से चोरी करना सीखा। इसके बाद वह वेब सीरीज, साउथ मूवी और सीआईडी देखकर आइडिया लेने लगा। दोनों वारदात उसी आइडिया के तहत की गई। आरोपी शहर थाने में दिसंबर 2011 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में भी जमानत पर है। नहरी पानी चोरी मामले में भी आरोपी के खिलाफ सदर थाने में केस दर्ज है। आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसे बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और वारदात में इस्तेमाल हथोड़ी बरामद की जाएगी।
इस तरह दिया था वारदातों को अंजाम
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह दोनों वारदातों के लिए दोनों पेट्रोल पंप पर हर रोज अलग-अलग समय में पेट्रोल डलवाने के लिए कभी किसी की तो कभी किसी की बाइक लेकर गया। इस दौरान वह पंप पर कर्मियों की संख्या को ध्यान में रखता गया। रात के समय कर्मियों की कम संख्या होने का उसे पता चला तो उसने रात का समय चुना। बगला रोड पर वारदात को अंजाम देने के लिए उसने पंप पर पड़े जेनरेटर की हत्थी से कर्मियों पर वार किया था। आरोपी ने बताया कि उसका छोटा भाई बिजली का काम करता है। सिरसा रोड पर वारदात को अंजाम देने के लिए वह भाई के बिजली के काम वाले थैले से हथोड़ी निकालकर ले गया था। इस दौरान पंप पर पहुंचा तो यहां कमरे में सो रहा कर्मी, जो कि राजस्थान निवासी हनुमान था। वह बाहर आया और 10 मिनट बाद वापस कमरे में चला गया। इसके बाद फिर एक बाइक वाला वहां से गुजरा। लाइट देखकर वह फिर रुक गया। इसके बाद आधा घंटा बीतने पर उसने पहले हनुमान के कमरे में जाकर उसके सिर पर हथोड़े से वार किया। फिर बृजेश और घनश्याम के सिर पर वार किया। आरोपी ने हनुमान की जेबें टटोली तो कुछ नहीं मिला। घनश्याम और बृजेश की जेब से उसे 6900 रुपये मिले। ये 500-500 रुपये के नोट थे। पोस्मार्टम के वक्त हनुमान की पेंट की अंदर वाली जेब से पुलिस को 13 हजार रुपये बरामद हुए थे, जो कि आरोपी को नहीं मिले थे। आरोपी ने बताया कि पीछे वाले कमरे में एक कर्मी सो रहा था। उसे पता था कि उसके पास सेल की रकम होगी, लेकिन वह कमरा लॉक था, जो कि चेन लॉक वाला गेट होने पर वह उसे खोलने में असमर्थ था, इसलिए वह उस कमरे में नहीं गया। आरोपी ने बताया कि दोनों वारदातों को अंजाम देने के लिए वह हाईवे पर बने कई ठेकों, ढाबों व पेट्रोल पंप की करीब 20 दिन से रेकी कर रहा था। उसे पता था कि हाईवे पर साफ बचकर निकल जाएगा, इसलिए उसने वाहन का भी इस्तेमाल नहीं किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे नशे के लिए रुपयों की जरूरत थी। वह रुपये चोरी भी कर सकता था, लेकिन वह चोरी करना नहीं जानता था, इसलिए उसने जेल के दोस्तों से व वेबसीरीज से इसके आइडिया लिए। आरोपी ने बताया कि दोनों वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर चला गया था। आरोपी ने बताया कि उसे पता था कि पंप कर्मियों के पास हर वक्त रुपये होते हैं और रात के समय वे गहरी नींद में होते हैं। इसी के चलते उसने पंप को ही निशाना बनाया।
वारदात को अंजाम देने के लिए अलग से खरीदे थे कपड़े
आरोपी ने बताया कि उसे पता था कि वह रुटीन के कपड़ों में वारदात को अंजाम देगा तो वह पकड़ा जाएगा, इसलिए उसने मार्केट से ऐसे कपड़े खरीदे, जिन्हें धोने के बाद खून के दाग बिलकुल भी नहीं रहते। ताकि वह साफ बच निकले। आरोपी ने बताया कि वह हर रोज 200 से 300 रुपये का नशा करता है। पिछली वारदात के बाद रुपये खत्म होने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। आगे उसने दो और वारदात की प्लानिंग बना रखी थी, जो कि गांव न्योली व काबरेल स्थित पेट्रोल पंप पर करनी थी। आरोपी ने बताया कि वह वेब सीरीज देखकर जान गया था कि कैमरे की नजर से किस तरह बचना है। उसी के तहत उसने मुंह व सिर पर परना बहुत अच्छे तरीके से बांधा था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीआईए, स्पेशल स्टाफ, वाहन चोरी निरोधक टीम और थाना सदर टीम का गठन किया गया था। आरोपी को पकड़ने के लिए कई लोगों से पूछताछ की गई। उसके बाद शक के आधार पर तीन लोगों का नाम सामने आया। इनमें से दो उसी वक्त पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिए, लेकिन ओरोपी पुलिस से बच रहा था। पुलिस ने आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार किया।
विज्ञापन

-बलवान सिंह राणा, एसपी, हिसार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें