रोहतक। आधुनिक युग में बढ़ते तनाव और बीमारियों ने लोगों को योग की ओर आकर्षित किया है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का यह रामबाण हर वर्ग में अपनाया जा रहा है। तनाव हो या सर्वाइकल, उदर रोग हों या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द। योग से आराम पहुंचाया जा सकता है। यही वजह है कि शहर के पार्कों, घर, आंगन, जिम में लोग योग करते नजर आते हैं। योग दिवस पर अमर उजाला ने योग से जुड़े कुछ लोगों से बातचीत की। उन्होंने अनुभव साझा किए।
चार दशक से योग कर रहा हूं। योग से खुद को चुस्त-दुरुस्त रखने के साथ फैक्टरी भी संभाल पा रहा हूं। शहर के लगभग हर पार्क में योग शिविर लगाकर लाेगों को योग क्रियाओं का अभ्यास करा चुका हूं। योग से किसी को सर्वाइकल से राहत मिली है तो किसी को उदर रोगों से। इसमें बुजुर्ग ही नहीं नई पीढ़ी भी शामिल है।- सरदार हवा सिंह सैनी, उद्यमी और योगाचार्य
योग को व्यायाम के साथ खेल के रूप में अपनाया है। इसीलिए 15 साल की उम्र में नेशनल तक खेलने का अवसर मिला है। एक साल से योग कर रही हूं। पहले पैरों में दर्द रहता था। अब दर्द नहीं रहता। दिन भर खूब खेलती कूदती हूं। काम करती हूं। योग अभ्यास करने के बाद से किसी तरह की समस्या नहीं है।-सुहाना, रेलवे कॉलोनी
डेढ़ साल से योग कर रहा हूं। इसके फायदे सामने आए हैं। 13 साल की उम्र के बावजूद दूसरों से काफी कमजोर लगता था। अब सुधार आ रहा है। वजन 30 से बढ़कर 40 हो गया है। बार-बार बीमार हो जाता था। पेट में दिक्कत रहती थी। अब इससे निजात मिल गई है। पिछले काफी समय न तो बुखार आया है न बीमार हुआ हूं।-आदर्श, प्रेम नगर
30-सुहाना
30-सुहाना