रोहतक। हेल्दी कहे जाने वाले सर्दी के मौसम में भी इस बार अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से अटी पड़ी है। आमतौर पर इन दिनों मरीज कम हो जाते हैं, मगर इस बार वायरल, खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की भरमार है। मौसम में बनी ठंडक व लगातार रात व दिन का गिरता तापमान इसकी वजह बताए जा रहे हैं। इस मौसम में बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हैं। हालात ये हैं कि शिशु रोग विभाग की ओपीडी 200 पार पहुंच रही है।
चिकित्सकों की मानें तो सर्दी का मौसम खाने व सेहत बनाने के लिए अच्छा माना जाता है। गर्मी के मुकाबले इन दिनों सेहत बेहतर बनती है। शरीर का वजह भी बढ़ जाता है। इसकी वजह ठंड में दूध, घी, ड्राइफ्रूट, फल, सब्जी खूब खाए जाते हैं। साथ ही इन दिनों लोग बीमार भी कम होते हैं। इसके विपरीत इस बार स्थिति उलट नजर आ रही है। अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से अटी पड़ी है। खांसी, जुकाम, बुखार ही नहीं, वायरल व संक्रमण पीड़ित भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। निमोनिया के साथ रोजाना औसतन पांच केस पीलिया के भी इन दिनों मिल रहे हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी पर नजर डालें तो यहां शिशु रोग विभाग में रोजाना करीब 220 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। फिजिशियन के पास भी संख्या 200 के करीब बनी हुई है। जबकि इन दिनों में सामान्य तौर पर 150 से कम मरीज होते हैं। इसे मौसम में बदलाव व ठंड का कहर बताया जा रहा है।
कोरोना का भी सताने लगा है डर
ठंड में मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ ही कोरोना का डर भी सताने लगा है। चीन में बनी कोरोना की गंभीर स्थिति को स्वास्थ्य विभाग भी हलके में नहीं ले रहा है। इसके चलते सेहत के मामले में लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दे रहा है। विभाग की मानें तो कोविड नियमों का पालन जरूरी है। इसमें मास्क लगाना, सामाजिक दूरी बनाए रखना व हाथ धोना और सैनिटाइज करना बेहतर है।
वर्जन:
सर्दी के इस मौसम में ओपीडी 220 के आसपास बनी हुई है। इस बार वायरल, बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। पहले ओपीडी करीब 125 के आसपास रहती थी। कड़ाके की ठंड व हवाएं बच्चों को बीमार कर रही हैं।
- डॉ. जसबीर परमार, शिशु रोग विभाग, सिविल अस्पताल।