फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: वेंटिलेटर की जरूरत वाले मरीजों का पीजीआई की ओर रुख

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। नागरिक अस्पताल यूं तो एनक्वास और कायाकल्प में देश और प्रदेश में नंबर वन पर है। यहां की वेंटिलेटर व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। वेंटिलेटर होने के बावजूद मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल रहा। इसकी वजह वेंटिलेटर चलाने वाले कार्यकुशल चिकित्सकों की कमी बताई जा रही है। इन उपकरणों का उपयोग करने वाले चिकित्सकों को अलग से प्रशिक्षण लेना होता है। यही कारण है कि शहर और गांवों के सांस के मरीज या तो पीजीआईएमएस जाते हैं या निजी केंद्रों पर इलाज करवाते हैं।
विज्ञापन



वेंटिलेटर खरीद के लिए बजट की व्यवस्था
वेंटिलेटर खरीद के लिए नागरिक अस्पताल सीएमओ कार्यालय को अपनी जरूरत बताता है। इसी के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग अस्पताल का निरीक्षण करता है और आवश्यकता को देखते हुए वेंटिलेटर प्रदान किया जाता है।

गांवों के मरीज पूरी तरह पीजीआई निर्भर
गावों में रहने वाले मरीज ज्यादातर पीजीआईएमएस का रुख करते हैं। सांस के मरीजों को यहां वेंटिलेटर आसानी से उपलब्ध हो जाता है, वहीं आर्थिक रूप से सामान्य परिवार निजी अस्पतालों का रुख करते हैं।
विज्ञापन


धूल फांक रहे करोड़ों के उपकरण

कोरोना काल में खरीदे गए करोड़ों रुपये के ये उपकरण बेकार पड़े धूल फांक रहे हैं। यही नहीं, अस्पताल में चिकित्सकों की लंबी चौड़ी टीम है, मगर इन उपकरणों को चलाने वाले कम ही हैं। ज्यादातर के पास इनका न अनुभव है न प्रशिक्षण। नतीजतन इनके लिए ये उपकरण महज कबाड़ से ज्यादा कुछ नहीं हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी इन उपकरणों को लेकर किसी तरह का पत्राचार नहीं किया गया है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलों में आईसीयू खोलने की योजना है। इसके बाद ही वेंटिलेटर सुविधाओं को लेकर दक्ष कर्मचारी रखे जाएंगे।











गंभीर मरीज को राहत देने में उपयोगी है वेंटिलेटर



विशेषज्ञों की माने तो वेंटिलेटर का प्रयोग इलाज के दौरान मरीज के गंभीर स्थिति में प्रयोग किया जाता है। यह मरीज को नया जीवन देने में अहम योगदान दे सकता है। चिकित्सकों की ओर से अंतिम प्रयास के रूप में इन्हें प्रयोग किया जाता है। वेंटिलेटर मरीज को सांस लेने में होने वाली समस्या को दूर करता है। साथ ही मरीज के नर्वस सिस्टम तक दवा पहुंचा कर उन्हें राहत पहुंचाने में सहायता करता है।











वर्जन


नागरिक अस्पताल में वेंटिलेटर हैं। इनका उपयोग नहीं है। यह सेवा जल्द ही मरीजों के लिए शुरू होगी। इन्हें चलाने के लिए आईसीयू जरूरत होती है। विभाग जरूरत के अनुसार एक्सपर्ट भी भर्ती करेगा।
विज्ञापन




-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें