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Rohtak News: 20 निजी बसें नहीं चलने से यात्री बेबस

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रोहतक। केंद्र सरकार के हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को 20 से ज्यादा निजी बसों के पहिए जाम रहे। बस संचालकों ने कानून वापसी की मांग की। कहा कि जल्द यह बिल वापस नहीं हुआ तो आंदोलन करने पर भी मजबूर होंगे। ट्रक यूनियन प्रधान राकेश धनखड़ का कहना है कि हमारी यूनियन इस बिल के विरोध में अभी नहीं उतरी है, न ही अभी ऐसा कोई विचार किया गया है। सोमवार को निजी बस नहीं चलने से हजारों यात्रियों को इधर उधर भटकना पड़ा है। वहीं रोडवेज की बसों में भी भारी भीड़ रही।
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बस संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया हैं। चालकों की सुरक्षा को देखते हुए बिल का विरोध किया हैं, क्योंकि इस बिल के लागू होने से देशभर के चालक बर्बाद हो जाएंगे। इस बिल में यह प्रावधान किया है कि वाहन चालक की ओर से घायल व्यक्ति को अस्पताल तक इलाज के लिए पहुंचाना होगा। अगर वाहन चालक की ओर से घायल व्यक्ति को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया तो वाहन चालक को 10 साल की सजा व 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा। अगर घायल व्यक्ति की इलाज के बाद भी मृत्यु हो गई तो सात साल की सजा और सात लाख का जुर्माना किया जाएगा। देश भर के चालक इस बिल का विरोध कर रहे हैं।

सोनीपत, हिसार, हांसी, गोहाना रूट रहे प्रभावित
विरोध के चलते रोहतक से सोनीपत, हिसार, हांसी, गोहाना व बहादुरगढ़ के रूट पर निजी बसें न चलने से यात्री काफी परेशान रहे हैं, क्योंकि निजी बसों में भी काफी संख्या में यात्री सफर करते है, लेकिन बसें न चलने से उन्हें रोडवेज बसों का ही रूख करना पड़ा है।
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