रोहतक। नियम 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया कराना टेढ़ी खीर हो गया है। स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एकजुट हुए अभिभावकों ने शनिवार को दो जमा पांच मुद्दे जनआंदोलन संगठन ने सरकार से आर-पर की लड़ाई का फैसला लिया है। नियम 134ए की पूर्ण रूप से बहाली की मांग को लेकर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के घर के बाहर लोगों ने नारेबाजी कर रोष जताया।
शनिवार को सभी कर्मचारी डीएलएफ स्थित पूर्व मंत्री के घर के बाहर एकत्र हुए। यहां सभी ने नियम 134ए के पूर्ण रूप से लागू नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से राहत की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती से तीन दिन पहले प्रदेश सरकार ने नियम 134ए को खत्म करने का फैसला पलट दिया था। इसके बाद से अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। नियम 134ए के तहत हर साल गरीब घराने के बच्चों के लिए 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। आर्थिक पिछड़ा कमजोर वर्ग रिजर्व सीटों पर 40 से 50 हजार बच्चों को मुफ्त दाखिला मिलता था। मौजूदा सरकार ने गरीब घराने के बच्चों को निजी स्कूलों में फ्री पढ़ने का रास्ता बंद करने का काम किया है। नियम 134ए को पुणे ने बहाल नहीं किया तो हर महीने की 28 तारीख को हर जिले स्तर पर काले दिवस के रूप में मनाया जाएगा। धरने प्रदर्शन में महामंत्री कमेरा वर्ग बलवीर सिंह सरोहा, अधिवक्ता राकेश बडगूजर, अधिवक्ता प्रवीण कुमार कलसन, जिला अध्यक्ष 2 जमा 5 मुद्दे जन आंदोलन अधिवक्ता हरीश सैनी, अधिवक्ता मुकेश सिंह, मुकेश कुमारी, मीनाक्षी, नरेश कुमारी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यवीर सिंह हुड्डा व अन्य अभिभावकगण मौजूद रहे।