40...गोहाना अड्डा पर रेहड़ी पर पपीता खरीदते ग्राहक। संवाद
रोहतक। शहर की फल मंडी में इन दिनों महाराष्ट्र का पपीता छाया हुआ है। यहां रोजाना 20 टन पपीते का कारोबार हो रहा है। कारोबारियों का कहना है कि महाराष्ट्र के सतारा, पुणे, सांगली व नागपुर आदि क्षेत्रों से यहां पपीते की आवक हो रही है। महाराष्ट्र के पपीते अपनी गुणवत्ता, स्वाद और पोषक तत्वों के लिए भी जाने जाते हैं। शहर में पपीते का रोजाना 5-6 छह लाख रुपये का कारोबार हो रहा है।
पपीते के थोक कारोबारी मोहन ने बताया कि महाराष्ट्र के अलावा गुजरात से भी यहां पर पपीते के आवक हो रही है। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि पपीता फाइबर युक्त फल है और यह पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के अलावा लीवर साफ रखने में भी मददगार है। शहर में पीजीआईएमएस, सिविल अस्पताल व अनेक निजी अस्पताल होने के चलते भी यहां मरीजों के लिए पपीते की मांग बनी रहती है।
पीजीआईएमएस की डाइटीशियन डॉ. पूनम कथूरिया का कहना है कि पपीते में फाइबर के साथ-साथ विटामिन सी, ए और एंटी ऑक्सीडेंट भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पोषण का अच्छा स्रोत हैं।