विकास व पंचायत विभाग ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार पंचायती जमीन की नीलामी न करने का फैसला किया है। जिले के सभी पंचायती जमीन उन्हीं लोगों को पांच फीसदी रेट बढ़ा कर दे दी जाएंगी, जिनके पास हैं। अगर कोई नहीं लेना चाहेगा तभी उस जमीन की नीलामी की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जिले के पांच ब्लॉक कलानौर, लाखनमाजरा, सांपला, रोहतक और महम में पंचायतों के पास काफी शामलात जमीन है। जिसे हर साल नीलाम किया जाता है। यह पंचायतों के आय का सबसे बड़ा साधन है। सबसे ज्यादा शामलात जमीन रोहतक ब्लॉक में हैं और सबसे कम लाखनमाजरा ब्लॉक में। वहीं, खेती योग्य जमीन सबसे ज्यादा महम ब्लॉक में है और सबसे कम कलानौर ब्लॉक में। गैर खेती योग्य जमीन सबसे ज्यादा रोहतक और सबसे कम महम में है। पिछले साल इन जमीनों को लीज पर देने में सबसे ज्यादा आय रोहतक ब्लॉक और सबसे कम कलानौर ब्लॉक को हुई थी। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए शामलात जमीन की नीलामी न करने का फैसला किया गया है। क्योंकि भीड़ जुटने से सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
विभाग के निर्देश के बाद जिला विकास व पंचायत दफ्तर ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने गांवों में जिन लोगों के पास लीज पर जमीन हैं, उनसे बात करें। अगर वे पांच फीसदी बढ़ोतरी के साथ लीज आगे बढ़ाना चाहते हैं तो ठीक है। अगर जमीन छोड़ना चाहते हैं तो उनकी सूची तैयार कर कार्यालय को भेजी जाए। सभी गांवों से जल्द सूचियां आने की उम्मीद है। उसके बाद उन जमीनों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि इस माह के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
ब्लॉक पंचायती जमीन 2018-19 में लीज पर दी जमीन आय
कलानौर 3052 एकड़ 143 एकड़ 3161950 रुपये
लाखनमाजरा 2684 एकड़ 249 एकड़ 6058900
सांपला 2983 एकड़ 440 एकड़ 3472225
रोहतक 5836 एकड़ 618 एकड़ 12385645
महम 3393 एकड़ 1435 एकड़ 12216130
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार पंचायती जमीन की नीलामी न करने का फैसला किया गया है। मौजूदा लीज धारकों को ही पांच फीसदी रेट बढ़ा कर जमीनें दे दी जाएंगी। अगर कोई नहीं लेगा तो ही नीलामी होगी।
- नरेंद्र धनखड़, जिला विकास व पंचायत अधिकारी, रोहतक