पंचायत चुनाव लड़ने वालों के लिए सरकार ने जहां कड़े नियम बनाए हैं, वहीं
एक बड़ी राहत भी दी है। हर चरण में नामांकन से एक दिन पहले तक वोटर बनने की
राह खोल दी गई है। ब्लॉक में नामांकन से एक दिन पहले तक वोटर लिस्ट में
नाम जोड़ा जाएगा।
ऐसा नहीं है कि उनके केवल वोट ही बनाए जाएंगे, बल्कि वह
चुनाव भी लड़ सकेंगे। इससे दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव वाले ब्लॉक के
गांवों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इससे उन गांवों के लिए भी फायदा हो
गया है, जहां सरकार के नियमों के अनुसार कोई प्रत्याशी नहीं मिल रहा था।
सरकार
ने पंचायत चुनाव लड़ने के लिए ऐसे नियमों को लागू किया, जिसने चुनाव लड़ने
की कतार में लगे लोगों को परेशानियों को बढ़ा दिया। दरअसल चुनाव लड़ने के
लिए उनको 10वीं पास होना जरूरी है। अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कुछ
गांवों में चुनाव लड़ने वाले ही नहीं मिल रहे।
ऐसे गांवों के लिए केवल यह
बाकी रह गया था कि वहां चुनाव लड़ने के इच्छुक अपने बेटे की शादी करके
दुल्हन को चौधर की जंग में उतारे। लेकिन उसमें भी सबसे बड़ा पेंच यह फंस
रहा था कि उनका वोटर लिस्ट में नाम न होने की वजह से वह चुनाव नहीं लड़
सकेंगी।
वहीं गांवों में ऐसे भी लोग सामने आये थे जो चुनाव लड़ने के इच्छुक
है, लेकिन उनका वोट नहीं बन रहा था। ऐसे ही सभी मामलों में बड़ी राहत मिली
है और उनके लिए नया रास्ता खुला है। अब प्रदेश भर में सभी चरणों में
नामांकन से एक दिन पहले तक वोट बनवाई जाएगी और वह वोट डालने के साथ ही
चुनाव लड़ने के लिए भी मान्य होंगे।
इस तरह जुड़ेगा वोटर लिस्ट में नाम
प्रदेश
के जिन ब्लाक में दूसरे चरण में चुनाव होंगे, वहां नामांकन से एक दिन पहले
तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जाएगा। मसलन, दूसरे चरण का नामांकन 30 दिसंबर
से शुरू होगा तो वहां 28 तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जाएगा।
वहीं तीसरे
चरण के लिए नामांकन 5 जनवरी से होगा तो उसके लिए 3 तक वोटर लिस्ट में नाम
जोड़ा जाएगा। इसके लिए वोट बनवाने वाले को केवल मतदाता फार्म जमा करना होगा
और उसका नाम नामांकन से पहले ही सूची में शामिल कर दिया जाएगा। इस तरह वह
वोट डालने के साथ ही चुनाव भी लड़ सकते हैं।
हर चरण के
चुनाव में जब नामांकन शुरू होगा, उससे एक दिन पहले तक वोटर लिस्ट में नाम
जोड़ा जाएगा। इस चुनाव में वोट भी जिले में बनेगी और उनको मत का इस्तेमाल
भी जिले में करना है। इस कारण यह संभव है और वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जा
रहा है।
दलबीर सिंह फौगाट, एसडीएम, रोहतक