रोहतक। नगर निगम की पहरावर गोशाला में अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। गोशाला में दो हजार गोवंश को रखने की जगह है, लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद पांच हजार से ज्यादा पशु छोड़ दिए गए। ऐसे में रोज पांच पशु दम तोड़ रहे हैं। नगर निगम रोज पकड़े जाने वाले पशुओं को अब साथ लगती दूसरी गोशाला में छोड़ने पर निर्णय लेगा।
नौ साल पहले नगर निगम ने पहरावर में आठ से 10 एकड़ में गोशाला का निर्माण करवाया, ताकि सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों को छोड़ा जाए। देखभाल के लिए निगम ठेकेदार को 35 रुपये प्रति गोवंश के हिसाब से रोज साढ़े 87 हजार रुपये दे रहा है।
धूप व गर्मी से बचने के लिए निगम की तरफ से तीन शेड गोशाला में बनाए गए हैं, लेकिन पशुओं की संख्या ज्यादा होने के कारण पहले रोज तीन पशु दम तोड़ रहे थे, लेकिन भीषण गर्मी में संख्या पांच तक पहुंच गई है।
दूसरी गोशाला में छोड़ी जाएं पशु, आयुक्त के सामने रखा प्रस्ताव
मंगलवार को निगम पार्षद प्रवीण कौशिक के साथ पहरावर स्थित अखिल भारतीय गोशाला के प्रधान नरेश शर्मा व उप प्रधान प्रह्लाद सिंह निगम आयुक्त से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। आयुक्त के सामने प्रस्ताव रखा कि निगम की गोशाला में जगह नहीं है।
ऐसे में गोवंश उनकी गोशाला में छोड़े जा सकते हैं, जहां छह हजार पशुओं के रखने की व्यवस्था है। इसके लिए प्रति पशु जो राशि निगम की गोशाला संचालक को दी जा रही है, वह राशि उनको दी जाए।
गोवंशों का मरना चिंताजनक है। जांच के लिए संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी बनाई है, जो दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। साथ ही, दो दिन में गोवंशों को दूसरी गोशाला में छोड़ने या न छोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा।
- डॉ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम।
पंख लगाने को तैयार हूं, बिल निगम भरे
गोशाला में शेड की कमी है। भीषण गर्मी के कारण रोज पांच पशु मर रहे हैं। बचाव के लिए मैं बड़े पंखे लगाने को तैयार हूं। बशर्ते निगम बिजली का बिल भरे।
- दलेल सिंह दहिया, संचालक पहरावर गोशाला, नगर निगम।
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17सीटीके34...नगर निगम पहरावर की गोशाला। स्रोत: पाठक- फोटो : संवाद