हांसी से चली किसान-मजदूर पदयात्रा शनिवार को मदीना होते हुए बहुअकबरपुर पहुंचेगी। 21 मार्च की दोपहर पदयात्रा रोहतक शहर पहुंचेगी। मॉडल टाउन के डबल पार्क में किसान और मजदूर सभा करेंगे।
पदयात्रा हांसी की लाल सड़क से 18 मार्च को सुबह 11 बजे शुरू हुई थी, उस दिन यात्रा का रात्रि पड़ाव सोरखी में था। 19 मार्च की सुबह यात्रा मुंडाल पहुंच गई थी। दोपहर को भैणी महाराजपुर से होते हुए देर शाम यात्रा महम से जिले में दाखिल हुई। 20 मार्च की दोपहर यात्रा मदीना पहुंचेगी, वहां सभा और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रात को पदयात्रा गांव बहुअकबरपुर पहुंचेगी और यहां के आठगामा भवन में यात्री ठहरेंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि 21 मार्च की दोपहर यात्रा रोहतक शहर पहुंचेगी। यहां मॉडल टाउन स्थित डबल पार्क में सभा का आयोजन होगा। इसमें तमाम किसान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। साथ ही मकड़ौली टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसान भी पहुंचेंगे। 21 मार्च को पदयात्रा का रात्रि पड़ाव गांव खरावड़ में होगा, जहां टोल प्लाजा पर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना चल रहा है। 22 मार्च को पदयात्रा रोहद पहुंचेगी, यहां रात्रि पड़ाव बहादुरगढ़ बाईपास के पास होगा। 23 मार्च की सुबह पदयात्रा टीकरी बॉर्डर पर चल रहे धरने पर संपन्न होगी। वहां भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहीदी दिवस मनाया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि की जाएगी। उनकी शानदार विरासत को किसान आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
तैयारी में जुटे खरावड़ के लोग
गांव खरावड़ के लोग पदयात्रा के स्वागत में जुट गए हैं। यहां कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर 2020 से धरना जारी है। तभी से लगातार भंडारा भी चल रहा है। जहां दिल्ली जाने वाले किसानों को खाना, चाय, पानी और दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। अब किसान-मजदूर पदयात्रा के रात्रि पड़ाव और अगले दिन रवानगी के इंतजाम में लोग जुटे हैं। भंडारे में सेवा दे रहे ग्रामीण नीरू सिंह ने बताया कि खरावड़ और आसपास के सभी गांवों के लोग और खापों के प्रतिनिधि पदयात्रा का भव्य स्वागत करेंगे। उनको सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। महिला किसानों के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।