रोहतक। अमर उजाला और सुनो नहरों की पुकार मिशन के संयुक्त सहयोग से संचालित बीजदान-भविष्य का बीजारोपण अभियान में जनभागीदारी बढ़ी है। अभियान के तहत शुक्रवार को रोहतक में पानीपत-जींद मार्ग को जोड़ने वाले नए बाईपास पर 6000 से अधिक सीडबॉल और विभिन्न प्रजातियों के बीज रोपित किए गए।
अभियान का उद्देश्य फलों और छायादार वृक्षों के बीजों को कूड़ेदान में जाने से बचाकर धरती की गोद में पहुंचाना है ताकि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता रामनिवास ने अपने घर पर तैयार किए लगभग 4,000 सीड बॉल बीजदान केंद्र में पहुंचाए। इसके बाद केंद्र से 2,000 से अधिक अतिरिक्त बीज लेकर स्वयंसेवकों के साथ नए बाईपास के आसपास उपयुक्त स्थानों पर उनका रोपण किया।
रोपण के दौरान वहां से गुजर रहे पंजाब के पूर्व सैनिकों का एक दल वहां रुका और अभियान से प्रभावित होकर स्वयं भी सीडबॉल रोपित किए। दल के सदस्य कुलविंदर सिद्धू ने कहा कि यह एक प्रेरणादायी पहल है। वे इस अभियान की जानकारी पंजाब में अपने साथियों तक पहुंचाएंगे।
अभियान संयोजक डॉ. जसमेर हुड्डा के नेतृत्व में सुरेश मलिक, अजय हुड्डा, ईश्वर सिंह दलाल, डॉ. संतलाल बुधवार सहित अनेक स्वयंसेवकों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अनुज नरवाल ने बताया कि जनसहभागिता के कारण यह अभियान लगातार विस्तार पा रहा है।
1000 बीज दान किए :
जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना व उपप्रधान धर्मराज ने अभियान के लिए जामुन और बकायन के लगभग 1000 बीजदान किए।
शीशम का पेड़ उत्कृष्ट काष्ठ गुणवत्ता, औषधीय गुणों, पर्यावरणीय सहनशीलता व आर्थिक महत्व के कारण भारत के सर्वाधिक मूल्यवान वृक्षों में से एक माना जाता है। आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा में शीशम की छाल, पत्तियां व बीजों का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है।
- डॉ. पूजा चौधरी, सहायक प्रोफेसर, बॉटनी विभाग, पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय महाविद्यालय रोहतक।
47-बाईपास पर सीड बॉल रोपित करते पंजाब से आए पूर्व सैनिक । संवाद
47-बाईपास पर सीड बॉल रोपित करते पंजाब से आए पूर्व सैनिक । संवाद
47-बाईपास पर सीड बॉल रोपित करते पंजाब से आए पूर्व सैनिक । संवाद