फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसपी कार्यालय के बाहर नशा मुक्ति केंद्र के पूर्व संचालक ने पैरों में शीशे गोद किया आत्महत्या का प्रयास

विज्ञापन
एसपी कार्यालय के बाहर नश काटने के बाद लधु सचिवालय के गेट पर बैठा घायल राजबीर ।
विज्ञापन
संशोधित- सिटी लीड
विज्ञापन

पीड़ित का आरोप : पांच साल पहले 60 हजार रुपये रिश्वत देकर छूटा था हवालात से, मामले में सीएम विंडो, एसपी, डीएसपी, एसएचओ सहित 15 बार कर चुके शिकायत, फिर भी नहीं हुई आरोपी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई
हेडिंग : एसपी कार्यालय के बाहर नशा मुक्ति केंद्र के पूर्व संचालक ने पैरों में शीशे गोद किया आत्महत्या का प्रयास
पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया, जांच शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। मारपीट के मामले में हवालात से छोड़ने के एवज में पुलिसकर्मियों द्वारा 60 हजार की कथित रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई न होने से क्षुब्ध पूर्व नशा मुक्ति केंद्र के संचालक ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया। इस दौरान उसने अपने पैरों पर शीशे से कई वार किए, जिससे वह खून से लथपथ हो गया। पुलिस ने उसे पीजीआई में भर्ती कराया। पुलिस ने रात को पीड़ित के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। आरोप है कि एसपी कार्यालय के बाहर तैनात होमगार्ड ने पीड़ित को एसपी से मिलने नहीं दिया। वह करीब तीन घंटे से इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार कंसाला गांव के रहने वाले राजबीर सिंह (50) ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह वर्तमान में रोहतक की कैलाश कॉलोनी में रहता है। करीब पांच साल पहले कंसाला में ही उसका ‘नई जिंदगी’ के नाम से नशा मुक्ति केंद्र था। कंसाला चौकी प्रभारी रहे देविंद्र सिंह और एएसआई बलवान सिंह ने उसे मरीज के साथ मारपीट करने के आरोप में पकड़ लिया था। आरोप है कि इसके बाद हवालात में राजबीर की पिटाई की और छोड़ने के बदले में उक्त दोनों कर्मचारियों ने उससे 60 हजार की रिश्वत ली। राजबीर के मुताबिक इस बारे में सीएम विंडो समेत 15 बार शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसी से क्षुब्ध होकर उसने शीशे से अपने पैरों पर वार किए। मामले की सूचना पाते ही डीएसपी सोनू नरवाल, आर्य नगर एसएचओ नरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। बता दें कि राजबीर का बड़ा भाई रणवीर सिंह मर्चेंट नेवी में मैकेनिकल फीटर है।
कैलाश कॉलोनी के राजबीर ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए एसपी कार्यालय में आत्महत्या का प्रयास किया है। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 309 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित के बयान दर्ज किए गए है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सोनू नरवाल, डीएसपी, आर्य नगर क्षेत्र
आत्महत्या के लिए बैग में लाया था शीशा, पेट्रोल और जहर की पुड़िया
रोहतक। नशा मुक्ति केंद्र के पूर्व संचालक राजबीर सिंह ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए वह पांच साल से भटक रहा है। शुक्रवार को वह करीब 12 बजे एसपी कार्यालय में पहुंचा था। एसपी कार्यालय में आत्महत्या करने की प्लानिंग उसने दो दिन पहले ही कर ली थी। इसके लिए वह बाजार से नया शीशा, पेट्रोल की शीशी और जहरीले पदार्थ की पुड़िया खरीदकर अपने साथ बैग में लाया था।
आरोप था कि एसपी कार्यालय पर तैनात होमगार्ड ने उसे एसपी से नहीं मिलने दिया। इसको लेकर उसकी होमगार्ड से नोकझोंक भी हुई थी। करीब तीन बजे उसने शीशे से पैर में वार कर आत्महत्या का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने अपनी गाड़ी से घायल को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया। देर उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
सांपला के डीएसपी ने कहा था-रिश्वत की वीडियो रिकॉर्डिंग दो, तभी होगी कार्रवाई
- सिविल लाइन थाने के मुंशी पर भी लगाया वेरीफिकेशन न करने का आरोप
रोहतक। रिश्वत मांगने के मामले में अधिकारी यदि कार्रवाई करते तो शायद कैलाश कॉलोनी के रहने वाले राजबीर को आत्महत्या के प्रयास जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर नहीं होना पड़ता। पीड़ित के भाई मर्चेंट नेवी के मैकेनिकल फीटर रणवीर का आरोप है कि एसपी, डीएसपी, एसएचओ से लेकर थाना प्रभारी और सीएम विंडो पर 15 से अधिक बार शिकायत की थी मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस को दिए बयान में पीड़ित राजबीर ने कहा कि वह करीब एक साल पहले सांपला के डीएसपी के पास भी पहुंचा था। डीएसपी ने उससे कहा कि पहले रिश्वत मांगने की वीडियो दिखाओ, तब आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। उसके पास वीडियो रिकार्डिंग नहीं थी। वहीं आरोप है कि सिविल लाइन थाने के मुंशी ने भी शिकायत पर वेरिफिकेशन करने की बजाय अभद्रता की। हालांकि एसएचओ ने मुंशी को इस बारे में फटकार लगाई थी।
विज्ञापन

खून से लथपथ राजबीर को भाई समझकर बचाने दौड़ पड़ा था हेड कांस्टेबल देवेंद्र
- नशा मुक्ति केंद्र के संचालक के आत्महत्या के प्रयास के समय एसपी कार्यालय के बाहर तैनात था
समय दोपहर करीब 3 बजे मैं एसपी साहब के कार्यालय के बाहर ही तैनात था। दस से अधिक फरियादी एसपी कार्यालय पर बैठे हुए थे। वह साथी महेंद्र से खड़े होकर कांवड़ यात्रा को लेकर बातचीत कर रहा था। इसी बीच कार्यालय से करीब 20 कदम की दूरी पर एक व्यक्ति चिल्लाता नजर आया। उसके पैर खून से लथपथ थे। वह अपने पैरों पर लगातार किसी नुकीली चीज से वार कर रहा था। व्यक्ति के दोनों पैरों को खून से लथपथ देखते ही उसे पहले तो कुछ भी समझ नहीं आया। मगर बाद में व्यक्ति को बड़ा भाई समझकर उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ा। सबसे पहले राजबीर के हाथों से शीशा छीना और उसे फर्स्ट ऐड दिया गया। इस दौरान वह बार-बार कंसाला पुलिस पर रिश्वत का आरोप लगा रहा था। वह कुछ देर के लिए राजबीर को लेकर बैठ गया। इसके बाद शोर शराबा होने पर मौजूद फरियादी और अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे। बाद में थाना पुलिस की सहायता से किसी तरह घायल को पीजीआई पहुंचाया।
- जैसा कि एसपी के गार्ड हेड कांस्टेबल देवेद्र सिंह ने क्राइम रिपोर्टर महबूब अली को बताया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें