02 बस स्टैंड के सामने सांझा बाजार में दुकानों के बाहर पार्क की कारें। संवाद
रोहतक। नगर निगम की ओर से नया बस स्टैंड के सामने स्थापित किया गया सांझा बाजार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सफल नहीं हो रहा है। इसकी वजह साझा बाजार के आगे लगे बाहरी स्टाल व ढाबा संचालक हैं। महिलाओं को मिली दुकानों में काम न के बराबर चल रहा है।
लखपति दीदी बनाने के संकल्प को पूरा करने की दिशा में रोहतक बस स्टैंड के सामने 14 दिसंबर 2024 को शुरू किया साझा बाजार फीका पड़ रहा है। नगर निगम की ओर से करीब 13 स्वयं सहायता समूहों को दी गईं 10 दुकानों में काम नहीं चल रहा है।
उत्पादों की बिक्री के लिए भी ग्राहक कम आ रहे हैं। महिलाओं का कहना कि नगर निगम ने दुकानें तो दे दी हैं लेकिन बस स्टैंड के सामने अपना ढाबा या दुकान चला रहे मालिकों ने उनकी दुकानदारी पर असर डाल दिया है।
वर्जन
बस स्टैंड के सामने 10 बाई 10 की 10 दुकानें हैं। वाहनों की पार्किंग के लिए दायरा अधिक है। कोई वाहन होगा तो थोड़ी देर के लिए खड़ा होता है। ढाबा व स्टाल संचालकों की जांच कर हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। -जगदीश शर्मा, सीपीओ, नगर निगम।
अप्रैल से दुकान पर काम कर रही हूं। किराया देकर बस स्टैंड तक आती हूं। काम बिल्कुल नहीं है। दूसरी पार्किंग ने परेशानी बढ़ा दी है। -शारदा, झज्जर चुंगी।
बस स्टैंड के सामने लगे विभिन्न स्टाल व ढाबे दुकानदारी पर असर डाल रहे हैं। दोपहिया व कार चालक अपने वाहन को खड़े करके चले जाते हैं। -सोनिया, सुनारिया चुंगी।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मिलकर अपनी आजीविका के लिए काम शुरू किया था लेकिन इतना काम और सामान नहीं है कि काम चला सकें। -कमलेश, नेहरू कॉलोनी।