पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
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ोहतक। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह अभी भी किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से कठोर परिस्थितियों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। गणतंत्र दिवस पर लालकिले पर हुई हिंसा की वह निंदा करते हैं, सरकार को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। वहीं इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय सिंह चौटाला के विधानसभा सदस्य के पद से इस्तीफा देने पर पूर्व सीएम ने कहा कि विपक्ष का एक वोट कम हो गया है, सरकार बचाने के लिए अब गठबंधन को 46 की बजाय 45 वोटों की जरूरत होगी। यह बात वीरवार सायं अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। उन्होंने कहा कि लालकिले पर हुई हिंसा की जांच में पता चलना चाहिए कि वह कौन लोग थे जो अनुशासित और शांतिपूर्ण आंदोलन को खराब करने की मंशा से लालकिले पर पहुंचे थे। यह हंगामा किसानों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए था या इसमें कोई विदेशी ताकत थी। लाखों की तादाद में किसान ट्रैक्टर परेड का हिस्सा बनने दिल्ली पहुंचे थे, इसके बावजूद एक जगह को छोड़कर कहीं से किसी तरह के टकराव, अनुशासनहीनता या किसी तरह की अवांछित गतिविधि की खबर नहीं आई। किसानों और दिल्ली पुलिस दोनों की ओर से शांति बनाने का प्रयास किया गया जोकि सराहनीय है। क्योंकि इन दोनों के बीच यदि टकराव होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। किसानों ने अपना रूट नहीं बदला, बल्कि कुछ शरारती तत्वों ने इस घटनाक्रम को अंजाम दिया है। तीन कृषि कानून किसानों के हक में नहीं है, इसके लिए किसानों का आंदोलन चल रहा है और हर दिन किसानों की जान जा रही है। सरकार की तरफ से उनके परिवारों की कोई मदद नहीं की जा रही है। पंजाब सरकार की तरह हरियाणा सरकार को भी शहीद किसानों के परिवारों को आर्थिक मदद और एक नौकरी देनी चाहिए। इनेलो नेता अभय चौटाला के इस्तीफे पर पूर्व सीएम ने कहा कि इससे किसानों को नहीं बल्कि सरकार को लाभ होगा। क्योंकि हम विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रहे हैं।