फरीदाबाद से कार में सवार होकर बेटी के साथ हिसार लौट रहे एक पिता की कार का आरोपियों ने आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से पीछा किया। आरोपियों से बचने के लिए पिता ने कार को कच्चे रास्ते पर स्पीड से दौड़ाया। इस दौरान कार अनियंत्रित होकर खंभे से जा टकराई। वहीं, आरोपियों की कार भी एक सूचनापट्ट से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की आवाज सुनकर मौके पर आए ग्रामीणों को देखकर आरोपियों ने वारदात नहीं की। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
महम थाना पुलिस को दी शिकायत में राजकुमार ने बताया कि वह गांव पुट्ठी सैमाण जिला हिसार का रहने वाला है। उसकी बेटी का फरीदाबाद सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स में चयन हो गया, जिसका ज्वाइनिंग लेटर लेने के लिए वह 19 मई को अपनी बेटी के साथ कार में सवार होकर गया था। वापस आते समय रात करीब सवा 11 बजे महम से निकल कर गांव भैणी सुरजन के सरकारी स्कूल के पास पहुंचे तो पीछे से कार चालक लगातार हॉर्न बजाता हुआ पीछे से आया और रास्ता देने पर वह आगे निकल गया। आगे निकलने के बाद कार चालक ने अपनी स्पीड कम कर ली। शक होने पर उसने कार को आगे निकालने की कोशिश की, लेकिन आगे चल रहे कार चालक ने कार को बीच रास्ते में गलत तरीके से खड़ी कर रास्ता रोकने की कोशिश की। इससे पिता-पुत्री दोनों डर गए। इसके बाद राजकुमार ने अपनी कार को सड़क से कच्चे रास्ते की तरफ उतार दिया और तेजी से कार चलाई। आरोपी कार चालक ने भी कार को तेज गति में उसकी कार के पीछे दौड़ा दिया। गति अधिक होने से राजकुमार की गाड़ी अनियंत्रित हो गई और राजकीय कन्या स्कूल से आगे निकल कर मोड़ पर गाड़ी खंभे में टकरा गई। इसी दौरान आरोपी की गाड़ी पंचायत द्वारा बनाए गए सूचनापट्ट से टकरा गई। इससे दोनों गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे का शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पिता-पुत्री कार से किसी तरह बाहर निकले। हादसे में दोनों को मामूली चोट लगी। जबकि आरोपियों की कार लॉक हो गई थी, जिनको ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर बाहर निकाला। बाहर निकालने पर आरोपियों को राजकुमार ने पहचान लिया। आरोपी मोनू व निटू निवासी गांव सैमाण थे।
अपहरण करने और लूटने की कोशिश के लगाए आरोप
हादसे के तुरंत बाद पुलिस कंट्रोल रूम 100 नंबर पर कॉल की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस से मौके के फोटो खींच लिए। आरोपियों का नाम-पता लिख लिया। पुलिस ने अगली सुबह थाने में आकर बयान लिखवाने के बारे में कहा था। अगले दिन सैमाण गांव के लोगों ने राजीनामा के लिए दबाव डाला। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उक्त वारदात अपहरण व लूटपाट करने के इरादे से की है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।