22... आईआईएम में पहुंचे लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को सम्मानित करते आईआईएम निर्देशक प्रो.धीरज
रोहतक। भारतीय सेना का योगदान केवल युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि वह देश की एकता, सुरक्षा और कठिन समय में सहायता करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह कहना है लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर का। वह शनिवार को भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रोहतक में राष्ट्र निर्माण में सशस्त्र बलों की भूमिका ऑपरेशन सिंदूर विषय पर बोल रहे थे।
लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि बड़े सपने देखें लेकिन हमेशा अपने उद्देश्य और ईमानदारी से जुड़े रहें। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के शब्द दोहराए कि सपने वह नहीं हैं जो नींद में आते हैं, सपने वह हैं जो आपको सोने न दें। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता के लिए लगातार मेहनत व ईमानदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सेना रक्षा निर्यात बढ़ाने, रोजगार देने, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विशेष गलियारों के निर्माण, और सीमावर्ती गांवों को ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ और ‘गति शक्ति मास्टरप्लान’ के जरिए सशक्त बनाने में भी बड़ी भूमिका निभा रही है। सेना शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण क्षेत्रों में भी लगातार काम कर रही है।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसका मकसद आतंकवादी संगठनों और झूठी सूचनाओं के खिलाफ कार्रवाई करना भी था। यह ऑपरेशन देश की स्थिरता बनाए रखने और बाहरी दुष्प्रचार का मुकाबला करने के लिए जरूरी था।
संस्थान के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि भारत की सेना सिर्फ ताकत के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जानी जाती है। करगिल युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे अनुभवी लोगों से सीखें और सच और झूठ के बीच फर्क करना जानें। वर्तमान समय में हमें झूठी जानकारी से सावधान रहना चाहिए।