तलाक की अर्जी से गुस्से में आकर पत्नी और साली को गोली मारने के दोषी बामला निवासी जयदीप और उसके दोस्त को 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत ने दोषियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने भी भरने के आदेश दिए हैं। शस्त्र अधिनियम के तहत एक वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना अतिरिक्त भरना होगा। अदालत में चले अभियोग के अनुसार श्रीनगर कॉलोनी निवासी कमलेश ने 15 अगस्त 2012 में पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें कमलेश ने बताया था कि उसकी तीन बेटियां क्रमश: बड़ी मंजीत, मझली मीनू और सबसे छोटी सीना हैं। सीना की शादी वर्ष 2008 में बामला निवासी जयदीप से हुई थी।
शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल वालों ने सीना को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर सीना तीन साल से मायके में रह रही है। उसने अदालत में तलाक की अपील कर दी। तलाक की अर्जी से गुस्से में आकर जयदीप ने अपने दोस्त के साथ ससुराल पहुंचकर सीना को गोली मारी। बहन को बचाने की कोशिश कर रही मंजीत को भी उसने गोली मार दी।
इससे दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। कमलेश के शोर मचाने पर हमलावर फ रार हो गए। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।