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Rohtak News: एक भाई नहर में डूबा तो दूसरा बचाने के लिए कूदा, दोनों ही बह गए

Tue, 09 Apr 2024 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रोहतक। जनता कॉलोनी से लापता दोनों भाइयों का सुराग नहीं लग सका है। किशोरों के दोस्त ने खुलासा किया है कि सुनारिया गांव के नजदीक जेएलएन में बड़ा भाई हिमांशु हाथ धो रहा था, पैर फिसलने से बह गया। छोटा भाई नितिक उसे बचाने के लिए कूद गया, लेकिन दोनों डूब गए। पुलिस राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम की मदद से दोनों को तलाश कर रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
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पुलिस को दी शिकायत में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के गांव जांडखेड़ा निवासी मोनू कश्यप ने बताया कि वह सब्जी मंडी में फलों की रेहड़ी लगाता है। रविवार सुबह 11 बजे उसका बेटा 15 वर्षीय हिमांशु और 12 वर्षीय निकित खेलने गए थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं आए। दोनों को कई जगह तलाश किया। शिवाजी कॉलोनी थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। सुबह पता चला कि दोनों भाई गली के 12 वर्षीय बच्चे साथ स्कूटी पर देखे गए थे। जब उसे बच्चे से परिजनों ने पूछा तो पहले तो उसने कुछ नहीं बताया। बाद में उसने बताया कि तीनों स्कूटी पर सुनारिया गांव के नजदीक जवाहर लाल नेहरू कैनाल पर गए थे। वहां पर हिमांशु और व नितिक डूब गए हैं।
बाक्स
पिता बोले-बेटों के लापता होने से टूट गया हूं
फल विक्रेता मोनू कश्यप ने बताया कि वह 2014 में सहारनपुर से रोहतक आया था। तभी से नई सब्जी मंडी में रेहड़ी लगाता है। पहले तनाव का शिकार हो गया था। रोहतक से सहारनपुर जाकर उपचार कराया। अब भी बीमार चल रहा हूं। अब दोनों बेटों के लापता होने से टूट गया हूं। उसके दो ही बेटे थे। दोनों एक साथ लापता हो गए। अब कैसे मेरा घर रोशन होगा।
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जेएलएन 15 फीट गहरी, फिर भी एक साइड से ग्रिल गायब
शहर के पूर्वी किनारे से होते हुए दक्षिण की तरफ जवाहर लाल नेहरू कैनाल (जेएलएन) व भालौठ ब्रांच (बीएसबी) नहर गुजरती हैं। जेएलएन 15 फीट तक गहरी है, जबकि भालौठ ब्रांच की गहराई कम है। इसके बावजूद जेएलएन के शहर की तरफ के किनारे पर सोनीपत से झज्जर रोड तक जगह- जगह ग्रिल लगी है, लेकिन पूर्वी दिशा की तरफ कोई ग्रिल नहीं है। इतना ही नहीं, चेतावनी बोर्ड भी गायब है।
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हर साल होेते हैं हादसे
सोनीपत जिले में खुबड़ू हेड से जवाहर लाल नेहरू कैनाल पश्चिमी यमुना लिंक नहर से अलग होती है जो झज्जर जिले से आगे तक जाती है। कई बार शव बहकर पीछे से आते हैं और दिल्ली रोड स्थित पुल में अटक जाते हैं। जनवरी माह में आईएमटी थाना पुलिस ने चार शव निकाले थे, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। दो महिलाओं की तो हत्या करके शव फेंके गए थे। इसके अलावा गर्मी के मौसम में नहाते समय युवा जेएलएन में गहराई में चले जाते हैं। औसतन हर साल पांच से ज्यादा युवा अपनी जान गंवा रहे हैं।
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चेतावनी तक सीमित प्रशासन, धारा 144 से आगे नहीं बढ़ता
हर साल युवाओं के डूबने पर नहर में नहाना प्रशासन धारा 144 के तहत आदेश जारी कर प्रतिबंधित कर देता है, लेकिन सख्ती से कदम नहीं उठाए जाते। अब तो नहर के किनारों से चेतावनी बोर्ड तक गायब हैं। इसके अलावा एक साइड में ग्रिल तक नहीं लगी है।

वर्जन
सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। ताकि नहर पर गश्त बढ़ाई जा सके। इसके अलावा चेतावनी बोर्ड लगाएंगे। नहर के साथ लगते एरिया के लोगों से भी अपील की जाएगी कि वे बच्चों को नहर के पास न जाने दें।
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आशीष कुमार, एसडीएम रोहतक
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