गोहाना अड्डा निवासी लापता छात्र कार्तिक नागपाल को पुलिस ने लखनऊ से बरामद कर लिया है। बुधवार शाम पांच बजे पुलिस और परिजन कार्तिक को लेकर शहर पहुंचे। घर पर परिजन, दोस्तों ओर पड़ोसियों ने कार्तिक की वापसी पर पलकें बिछा दीं। मां और दादी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
वहीं, एसपी सौरभ सिंह का कहना है कि किन्हीं कारणों से कार्तिक खुद घर से चला गया था। अभी छात्र सदमे में है और पूरी पूछताछ नहीं हो सकी है। जल्द ही कारणों का पता लगा लिया जाएगा। यूपी के शामली जिला निवासी व्यक्ति ने रेल में कार्तिक की गुमशुदगी की सूचना और फोटो देखा था।
जब उसने लखनऊ में ढाबे पर कार्तिक को काम करते हुए देखा तो उसे पहचान लिया। कहीं से सीआईए-2 प्रभारी मनोज वर्मा का नंबर जुटाया और तुरंत सूचना दी। मंगलवार रात एक बजे सूचना मिलते ही मनोज वर्मा ने एसपी सौरभ सिंह और कार्तिक के परिजनों को बताया। एसपी ने टीम बना लखनऊ रवाना होने के निर्देश दिए।
मनोज वर्मा तड़के 3 बजे टीम और कार्तिक के पिता मनोज नागपाल व चाचा अशोक नागपाल के साथ रोहतक से रवाना हुए। दिल्ली पहुंचने पर सुबह 5 बजे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ी। सुबह 7 बजे टीम लखनऊ में कृष्णा नगर पहुंची। वहां से पंजाबी तड़का ढाबे पर से कार्तिक को बरामद कर लिया।
कार्तिक से पूछताछ की और दोपहर 11 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। शाम 5 बजे कार्तिक को रोहतक लाया गया। सबसे पहले कार्तिक को एसपी फिर विधायक बी. बी. बतरा के घर ले जाया गया। यहां से छात्र को घर लाया गया। कार्तिक की मां मीनू नागपाल फोन पर पल-पल की खबर ले रही थी।
जैसे ही कार्तिक गली में पहुंचा तो उसकी मां ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। मीनू नागपाल की आंखों से आंसू बहने लगे। मां के गले लगने के बाद कार्तिक भी भावुक हो गया और उसकी आंखों में पानी भर आया। परिजनों ने कार्तिक के लौटने की खुशी मनाई और एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
रोहतक के एसपी सौरभ सिंह ने बताया कि किन्हीं कारणों के कारण कार्तिक घर से खुद चला गया था। देर रात टीम को उसके लखनऊ में होने की सूचना मिली। टीम उसे रोहतक लेकर पहुंची। लड़का फिलहाल सदमे में है, इसलिए उससे ज्यादा बात नहीं हो पाई है। थोड़ा नॉर्मल होने के बाद पूछताछ कर ली जाएगी। उसके जाने के क्या कारण रहे हैं और वहां तक कैसे पहुंचा अभी इस बारे में कुछ कहना ठीक नहीं होगा।’
ये है मामला - शहर के डेयरी व्यापारी मनोज नागपाल का बेटा 11वीं का छात्र कार्तिक नागपाल गर्मियों की छुट्टियों में अपने मामा के घर जींद गया था। 1 जुलाई को उसके मामा ने उसे जींद रेलवे स्टेशन से रोहतक आने वाली पैसेंजर गाड़ी में बैठा दिया। लेकिन कार्तिक घर नहीं पहुंचा।
जींद पुलिस ने रोहतक रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि कार्तिक यहां स्टेशन पर उतरा था। स्टेशन से घर के बीच कहां लापता हो गया, किसी को पता नहीं चला। रोहतक पुलिस को जांच सौंपी गई। कार्तिक को तलाशने के लिए सारा शहर एकजुट हो गया।
व्यापारी परिजनों और शहरवासियों ने कैंडल मार्च निकाल जल्द तलाश करने की मांग की। 12 अगस्त को ही कार्तिक मामले में गठित ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने एसपी से मुलाकात कर पुलिस को 20 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया था।