ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त ने अपने भविष्य का ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे वह देश को अपनी तरह बड़े पहलवान दे सकें। क्योंकि योगेश्वर दत्त जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसलिंग एकेडमी खोलेंगे, जिसमें वह अपना कुश्ती करिअर पूरा करने के बाद खुद की तरह ही पहलवान तैयार करेंगे। इसके लिए योगेश्वर ने गोहाना के पास जमीन भी खरीद ली है और एकेडमी बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। यह केवल इसलिए किया जा रहा है, जिससे आगे भी हरियाणा से देश के लिए बड़े पहलवान निकलते रहें।
भारत के नंबर एक पहलवान योगेश्वर दत्त सोनीपत के छोटे से गांव भैंसवाल कलां के रहने वाले है। उनको बखूबी मालूम है कि ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव में जूझना पड़ता है। कुश्ती का अपना शुरुआती सफर तय करते समय खुद योगेश्वर दत्त भी इन परेशानियों से जूझ चुके हैं। इस कारण ही ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेसलिंग एकेडमी खोलने का प्लान बना लिया है और उस प्लान के तहत ही गोहाना के पास पांच एकड़ जमीन खरीदी है। यहां पहलवानों को ऐसी सुविधाएं मिलेंगी जो विदेशों में मिलती हैं। वहां प्रेक्टिस करने वाले पहलवानों के लिए सबसे अहम यह होगा कि योगेश्वर दत्त खुद कुश्ती के गुर सिखाएंगे। योगेश्वर दत्त कहते हैं कि देश को यहां से हमेशा बड़े पहलवान मिलते रहें, इसी लक्ष्य के साथ एकेडमी बनाने को जमीन ली गई है।
फिलहाल, योगेश्वर दत्त अपनी ओलंपिक तैयारियों में लगे हुए हैं और ओलंपिक में भारत को गोल्ड दिलाने के लिए छह घंटे प्रेक्टिस कर रहे हैं। वह विदेशियों को हर दांव में मात देने के लिए ओलंपिक क्वालीफायर्स पहलवानों की वीडियो देखकर भी प्रेक्टिस करते हैं। इन तैयारियों के साथ विदेशों में जाकर भी कुश्ती के हर नए गुर को ओलंपिक से पहले सीखना चाहते हैं। वह जार्जिया में भी कुश्ती के दांव-पेंच सीखने जा रहे हैं।