जेएनयू में अफजल गुरु को शहीद बताने वालों पर ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने नाराजगी जताई। योगेश्वर ने नाराजगी जाहिर करते हुए फेसबुक पर एक कविता लिखकर राष्ट्र विरोधी लोगों को करारा जवाब दिया। इसमें कहा गया है कि अगर संसद पर हमले का दोषी अफजल गुरु शहीद है तो हम हनुमंथप्पा को क्या कहेंगे?
जेएनयू में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को लेकर जहां एक ओर राजनेताओं से लेकर आम लोगों में बहस छिड़ी है वहीं हरियाणा के सोनीपत के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी गुस्सा जाहिर किया। योगेश्वर दत्त ने फेसबुक पर कविता लिखी है, जिसमें जेएनयू प्रकरण को लेकर काफी नाराजगी जताई है।
उन्होंने ऐसा करने वालों को चेतावनी और नसीहत तक दी। योगेश्वर ने कविता की शुरुआत करते हुए लिखा है कि ‘गजनी का है तुम में खून भरा जो तुम अफजल का गुण गाते हो, जिस देश में तुमने जन्म लिया उसको दुश्मन बतलाते हो, भाषा की कैसी आजादी जो तुम भारत मां का अपमान करो, अभिव्यक्ति का ये कैसा रूप जो तुम देश की इज्जत नीलाम करो, अफजल को अगर शहीद कहते हो तो हनुमंथप्पा क्या कहलाएगा।’
इसके बाद लिखा गया है कि ‘इस देश को बर्बाद करने वाली हर आवाज दबनी चाहिए, ये देश तुम्हारा है ये देश हमारा है हम सब इसका सम्मान करें, जिस मिट्टी पे है जन्म लिया उसपे हम अभिमान करें’।
ओलंपियन योगेश्वर की यह कविता फेसबुक पर वायरल हो गई है और इसे 65 हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है तो 10 हजार से ज्यादा ने शेयर कर लिया है। इसपर 20 हजार से ज्यादा लोग कमेंट भी कर चुके हैं, क्योंकि इसमें अफजल के पक्ष में आने वाले छात्रों से लेकर राजनेताओं तक पर उनका गुस्सा दिख रहा है।
योगेश्वर कहते है कि हम जिस देश में रहते है, उस देश का सम्मान सबसे पहले होना चाहिए। किसी को हक नहीं कि वह अपने ही देश के खिलाफ कुछ कहें।