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अधिकारी कह रहे वायरल वीडियो का है खौफः प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान जिसे स्टेट कोविड अस्पताल भी बनाया गया वहीं कोरोना को हराने वाली वैक्सीन से डरे डाक्टर-कर्मी

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Official says viral video is awe: The state's largest medical institute, which was also made the State Kovid Hospital, while the doctor-worker scared of the vaccine that defeated Corona
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रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान (पीजीआईएमएस) जिसे स्टेट कोविड अस्पताल भी बनाया गया है, वहीं पर कोरोना को हराने वाली वैक्सीन से यहां के डाक्टर और कर्मचारी डर रहे हैं। वैक्सीन का टीका लगाने के लिए यहां नौ हजार कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है। हर रोज 300 कर्मियों को टीका लगाया जाना है, लेकिन यहां दूसरे दिन सिर्फ 15 लोगों ने ही टीका लगवाया। सोमवार और मंगलवार दोनों दिन मिलाकर 78 लोग ही टीका लगवा सके हैं। संस्थान के अधिकारी कह रहे हैं कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो से भ्रम की स्थिति बन रही है। जिसमें टीका लगने के बाद बुखार सिर में दर्द जैसी तकलीफें होने की बात कही जा रही है। इसी वजह से भ्रम की स्थिति के कारण लोग टीका लगवाने नहीं आ रहे हैं।
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रोहतक पीजीआईएमएस में प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल बनाए जाने के कारण कोरोना को हराने वाली वैक्सीन लगाने के लिए सबसे ज्यादा डाक्टर और कर्मियों को सूचीबद्ध किया गया था। संस्थान के भीतर तीन टीकाकरण सेंटर भी बनाए गए थे। तीनों सेंटरों पर हर रोज 300-300 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। पहले दिन सोमवार को 63 और मंगलवार को सिर्फ 15 लोगों ने ही यहां टीकाकरण कराया। सोमवार को संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद टीका लगवाकर कर्मचारियों को जागरूक करने की भी कोशिश की, फिर भी दूसरे दिन सिर्फ 15 लोग ही टीका लगवाने आए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि छुट्टी होने के कारण भी टीकाकरण नहीं हो सका है।
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सोशल मीडिया पर छाया वैक्सीन का भ्रम
पीजीआईएमएस में वैक्सीनेशन को लेकर रुचि कम नजर आ रही है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर छाया एक वीडियो खास वजह बताई जा रही है। वैक्सीन को लेकर भ्रम पैदा कर रहे इस वीडियो को कैंपस में जोरदार तरीके से शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में वैक्सीन लगने के बाद बुखार होने, सिर में दर्द सरीखी शिकायत कही गई है।
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करौथा पीएचसी, पॉलीक्लिनिक व जिला अस्पताल में 232 ने लगवाया टीका
स्वास्थ्य विभाग ने छह स्थानों पर टीकाकरण लगाने की व्यवस्था बनाई। इसमें पीजीआई के तीन केंद्रों के अलावा सिविल अस्पताल, पॉलीक्लीनिक, करौंथा पीएचसी शामिल है। यहां दिन भर में कुल 232 स्वास्थ्यकर्मियों को ही वैक्सीन लगी। इसमें भी करौथा, पॉलीक्लिनिक व सामान्य अस्पताल आगे रहे।
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टीकाकरण के लिए फ्री हुआ पोर्टल
टीकाकरण के लिए स्वास्थ्यकर्मियों में रुचि कम होने के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पोर्टल को फ्री कर दिया है। अब तक रोजाना प्रत्येक केंद्र पर सौ कर्मियों की सूची जारी कर मैसेज भेजे जाते थे, अब ऐसा न होकर कोई भी कर्मचारी वैक्सीन लगवा सकता है। पहले किसी कारण से वैक्सीन नहीं लगवा पाने वाले या अपनी बारी का इंतजार करने वाले भी पहले वैक्सीन लगवा सकते हैं। एक सेंटर पर प्रतिदिन सौ कर्मियों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से टीकाकरण की दर बढ़ने की उम्मीद है।
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वायरल वीडियो से भ्रमित न हों
पीजीआई में वैक्सीनेशन धीमा है। कर्मियों में शायद भ्रम की स्थिति बन रही है। कैंपस में एक वीडियो के वायरल होने की चर्चा है। जबकि वैक्सीन से किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। मुझे वैक्सीन लगे 24 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है। अब तक कुछ नहीं हुआ है। किसी तरह के बुखार या सिर दर्द की शिकायत नहीं है।
डॉ. आरबी जैन, एचओडी, कम्यूनिटी मेडिसन, पीजीआईएमएस
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टीकाकरण चल रहा है। करौंथा पीएचसी में 71 ने वैक्सीन लगवाई। पॉलीक्लिनिक व सामान्य अस्पताल में 161 ने वैक्सीन लगवाई। पीजीआई में आंकड़ा थोड़ा कम है। कर्मचारियों के अवकाश या काम पर जाने की वजह से ऐसा हो सकता है। इसलिए पोर्टल फ्री कर दिया गया है। अब कोई भी वैक्सीनेशन करा सकता है। उसे पहले की तरह सूचना मिलने का इंतजार नहीं करना होगा।
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-डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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