26सीटीके21...आईआईएम रोहतक ने जगत पंजाबी सभा के सहयोग से नई दिल्ली में आयोजित 16वां पंजाबी सम्मे
रोहतक। आईआईएम रोहतक ने जगत पंजाबी सभा के सहयोग से नई दिल्ली में 16वां पंजाबी सम्मेलन आयोजित किया। नई दिल्ली के युनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया में 24-25 फरवरी तक यह सम्मेलन हुआ। इसमें जगत पंजाबी सभा कनाडा का विशेष सहयोग रहा। देश की धरती पर अपनी तरह के पहले आयोजन के जरिए आईआईएम ने नई पीढ़ी में परंपराओं को बनाए रखने का प्रयास किया है। यहां पंजाब व पंजाबियत पर विचार-विमर्श हुआ।
सम्मेलन यात्रा एवं पर्यटन के माध्यम से भारत के साथ पंजाबियों का कनेक्शन, कनाडा में पंजाबियों का प्रतिनिधित्व, विशेष रूप से कनाडा के संदर्भ में पश्चिम में नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा की गई। एनआरआई-पंजाबी हमेशा से, भावनात्मक, पारंपरिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से भारत का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। कनाडा में हर तरह के पंजाबीः सिख, मुस्लिम और हिंदू - भारत एवं कनाडा के बीच सकारात्मक रिश्ते बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं। ज्यादातर एनआरआई-पंजीबियों से भारत के अटूट रिश्ते हैं। वे जमीन, घर, कारोबार, परिवार के माध्यम से भारत के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में पंजाबी समुदाय पंजाब के विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में नैतिकता विषय की पढ़ाई को शामिल करना चाहता है।
आईआईएम निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने पंजाबियत व इसके सार के बारे में बताया। उन्होंने भारतीय सेना में पंजाबियों के योगदान पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पहला परमवीर चक्र पंजाबी मज सोमनाथ शर्मा को मिला था। हाल ही में एक और पंजाबी गुरतेज सिंह ने 2020 में वीर चक्र जीता। चीन के साथ गलवान संघर्ष के दौरान उन्होंने अपने समुदाय की उपलब्धि को दर्शाया। कार्यक्रम में संसद सदस्य हंस राज हंस, पूर्व कैबिनेट मंत्री राना गुरमीत सिंह, लोर्ड रमी रेंजर, प्रो. नथु पुरी, हरिंदर सिंह सिक्का, अमित सिंह बग्गा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।