संयुक्त किसान मोर्चा की पत्रकार वार्ता को संबोधित करते योगेन्द्र यादव। अमर उजाला
कृषि कानूनों के खिलाफ सात माह से आंदोलन के बावजूद केंद्र पर दबाव बनाने में नाकाम रहने के बाद अब किसान उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करेंगे। स्वराज अभियान के अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने संकेत दिए हैं कि यूपी चुनाव के संबंध में जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है।
यादव ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार वोटों के अलावा कोई और भाषा नहीं जानती, तो इसी भाषा में उसे जवाब दिया जाएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में जाकर किसानों को सच्चाई बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मुद्दों को लटकाया जाए ताकि आंदोलन कमजोर हो जाए। लंबा खिंचने के बावजूद आंदोलन का प्रभाव क्षेत्र बढ़ा है। उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अब पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली हुआ है। धरनों के अलावा जो लोग घर बैठकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, उनका दायरा भी बढ़ा है। यही सरकार की परेशानी का कारण बन गया है। इसीलिए सरकार रोजाना नए हथकंडे अपना कर आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच रही है। पहले पश्चिम बंगाल की युवती के दुष्कर्म का मामला उछाला गया। उसके पिता ने ही कहा कि किसान मोर्चा के साथ देने के कारण ही मामला दर्ज हो सका। फिर एक किसान को जलाने का मामला आया। उसमें भी वीडियो से साफ हो गया कि उसने आत्महत्या की। किसानों ने तो आग बुझाने का प्रयास किया। हमारे प्रतिनिधियों ने पुलिस से मिलकर मांग की है कि सभी तथ्यों की जांच करने के बाद कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि धरनों पर स्थानीय लोगों ने बहुत साथ दिया। उनके साथ तालमेल बना हुआ है, कोई समस्या आती है तो हल निकाल लिया जाता है। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
26 को राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन
मैना टूरिस्ट कांप्लेक्स में मीडिया से बातचीत में योगेंद्र यादव ने कहा कि 26 जून को किसान आंदोलन के सात माह पूरे हो जाएंगे। इस दिन कृषि बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस मनाया जाएगा। हरियाणा के किसान पंचकूला स्थित गुरुद्वारा नाडा साहिब में इकट्ठे होंगे। वहां से पैदल मार्च करते हुए राजभवन जाएंगे और राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें राष्ट्रपति से मांग की जाएगी कि वे सरकार से कहें कि किसानों के साथ बातचीत करें। यादव ने बताया कि वे दो दिन तक हरियाणा में ही रहेंगे। पहले उन्होंने रोहद टोल पर किसानों से बात की। रोहतक के बाद खटकड़ और बद्दोवाल टोल पर जाएंगे। अगले दिन हिसार के सभी टोल पर जाकर किसानों से मिलेंगे। प्रेस कांफ्रेंस में किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, जय किसान आंदोलन के महासचिव दीपक लांबा और प्रेम गहलावत भी मौजूद रहे।