स्वास्थ्य विज्ञान विवि में नकल का मामला आने के बाद अब पीजीआई में ठेके नाम पर खेल सामने आया है। कर्मचारियों को एचकेआरएन (हरियाणा कौशल रोजगार निगम) में शामिल करने के सरकारी निर्देशों के बावजूद संस्थान में ठेका प्रथा व ठेकेदार का खौफ बरकरार है।
इस खौफ से राहत के लिए अनुबंधित कर्मचारियों ने खुद को एचकेआरएन में शामिल करने की मांग उठाई है। इसके लिए शुक्रवार को पांचवें दिन भी करीब 400 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इधर, ठेकेदार ने इनकी जगह नए कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है। इसको लेकर भी कर्मचारियों में रोष पनप रहा है। संस्थान प्रबंधन इस मामले में मौन है।
पीजीआई में बैरर (कर्मचारी) पद पर कर्मचारी ठेके के तहत रखे गए हैं। यह संख्या करीब 1300 हैं। एपी सिक्योरिटी एजेंसी के तहत काम कर रहे इन कर्मचारियों में 400 ने खुद को एचकेआरएन में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। इसे लेकर कई बार प्रबंधन व ठेकेदार को अवगत करा चुके कर्मचारियों का दावा है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस कारण उन्हें धरने का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इन कर्मचारियों के धरने पर चले जाने के कारण ठेकेदार ने इनकी जगह नई भर्ती शुरू कर दी है। वहीं, सरकार की ओर से ठेके पर अनुबंधित कर्मचारियों की भर्ती सितंबर 2021 से बंद है। यही नहीं, नए कर्मचारियों को लेने के बजाय पहले पुराने कर्मचारियों को ही नियुक्ति करने का दावा किया है। इसके बावजूद ठेकेदार अपनी मनमर्जी से पुराने कर्मचारियों की जगह नए कर्मचारी भर्ती कर रहा है। नए कर्मचारियों को भर्ती करने का ‘खेल’ चल रहा है।
वहीं, पीजीआई परिसर स्थित विजय पार्क में अनुबंधित कर्मचारी 13 जनवरी से ठेकेदार के उत्पीड़न और हरियाणा कौशल रोजगार निगम में शामिल करने को लेकर हड़ताल पर हैं। ठेकेदार की ओर से पहले तो उनकी हाजिरी रद्द की गई। इसके बाद उनके बदले नए बैरर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इससे अनुबंधित कर्मचारी (बैरर) आहत हैं।
बैरर ने कहा कि पीजीआई में करीब 1300 कर्मचारी अनुबंध पर कार्य रहे हैं। इनमें से कई कर्मचारियों का कार्यकाल 15 वर्ष से भी ज्यादा है। इसके बावजूद इन्हें एचकेआरएन में शामिल नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार को प्रशासन और सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।
बैरर की एक ही मांग... ठेकेदार के शोषण से हटाओ, एचकेआरएन में शामिल करो
विजय पार्क से ललकार करते हुए बैरर ने कहा कि उनकी सरकार और पीजीआई प्रशासन से एक ही मांग है कि उन्हें अनुबंध से हटाकर एक एचकेआरएन में शामिल किया जाए। ठेकेदार के शोषण से मुक्त किया जाए। प्रदर्शन में राकेश हुड्डा, अभिषेक लोहाट, मंजीत, चांद, सविता, सुकन्या, ऋषि, संजय, सुनिल, संदीप, अनुज, अमित आदि शामिल रहे।
बैरर का काम भी महत्वपूर्ण
संस्थान में बैरर भले ही चौथी श्रेणी का कर्मचारी होता है, लेकिन उसका काम भी महत्वपूर्ण है। मरीजों को ऑक्सीजन किस मात्रा में लगानी है, इसकी जानकारी सबको नहीं होती। अनुभवी बैरर यह सभी कार्य कर लेते हैं। वार्ड में शिफ्ट करना हो, कंप्यूटर में डाटा अपलोड करना हो। मरीज को एंबुलेंस से लाने, इमरजेंसी में भर्ती करने समेत और कई कार्य बैरर करते हैं।
बैरर मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरतते हैं। यह अक्सर कुछ भी कहने पर प्रदर्शन की बात करते हैं। बैरर की कोई भर्ती नहीं चल रही है। पुरानी लॉन्ड्री के पास अटेंडेंस लगाने के लिए बैरर पहुंचते रहते हैं। कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है।
- संदीप कौशिक, एपी सिक्योरिटी एजेंसी, पीजीआईएमएसद।
इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है। इसकी जानकारी के लिए पीआरओ उचित माध्यम होगा।
- डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, यूएचएस।