रोहतक। लोकसभा चुनाव प्रचार को लेकर अंतिम 72 घंटों में 35 ऐसी शिकायतें आई हैं, जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों समेत यूट्यूबर्स शामिल हैं। हालांकि अब तक 47 शिकायतों में से प्रशासन ने 39 का निराकरण कर दिया गया है और बाकी अभी निस्तारण प्रक्रिया में चल रही हैं। इनमें एमडीयू, पीजीआई और रिटौली में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी शिकायतें शामिल हैं। इनमें दो पर कार्रवाई हो गई है और पीजीआई की जांच कराई जा रही है। अब 10 से अधिक यूटयूबर्स के खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, रोहतक लोकसभा के दौरान जिला प्रशासन की ओर से डीडीपीओ राजपाल चहल को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत सुनने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया था। शुरू में कुछ शिकायतें आई थी, जिनमें एक दूसरे प्रत्याशी के प्रचार करने और आचार संहिता का उल्लंघन करने के प्रकरण आए थे। मगर मतदान की तारीख नजदीक आते-आते इस तरह की शिकायतें बढ़ती चली गई। मतदान के दिन तक 47 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन अंतिम 72 घंटे में सबसे अधिक शिकायतें आई हैं। इनमें एक आपूर्ति विभाग के अधिकारी के खिलाफ आई।
इसके अलावा एमडीयू के 10 प्रोफेसरों और रिटौली के प्राचार्य के साथ-साथ पीजीआई के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने की शिकायत एडवोकेट अंजली बतरा की ओर से की गई है। डीडीपीओ ने बताया कि एमडीयू के पांच प्रोफेसरों को निलंबित करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पांच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। रिटौली के प्रचार्य को भी निलंबित कर दिया गया है। इनके अलावा पीजीआई के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ चुनाव प्रचार करने की शिकायत मिली है। उन सभी की जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी है और उन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले 15 से अधिक यूट्यूबर्स के खिलाफ भी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की ओर से शिकायत दर्ज कराई है। उनकी जांच कराने के लिए सूचना विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है।