पंचायत चुनाव खत्म होते ही जाट आरक्षण आंदोलन ट्रैक पर आ गया है। हिसार के मय्यड़ में जाटों ने संघर्ष का बिगुल बजा दिया। ऐसे में रविवार को सांपला में होने वाली महारैली पर सबकी नजर टिक गई हैं। छुट्टी के दिन तीन जिलों रोहतक-झज्जर और सोनीपत की महारैली पुलिस-प्रशासन के लिए भी चुनौती होगी।
आयोजकों ने भी रैली को लेकर पत्त खोलने से इनकार कर दिया है और एलान किया है कि मौके पर ही रणनीति तय की जाएगी। दावा है कि महारैली सभी रिकार्ड तोड़ेगी। छोटूराम संग्रहालय में होने वाली महारैली का नेतृत्व तीनों जिलों की खाप मिलकर कर रही हैं। इसलिए रैली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजकों ने साफ कर दिया है कि महारैली में ही आगामी आंदोलन की रणनीति बनाकर घोषणा की जाएगी। इसी कारण पुलिस-प्रशासन की भी बैचेनी बढ़ गई है।
महारैली को तीनों जिलों की खाप मिलकर करा रही हैं। इसके नेतृत्व के लिए तीनों जिलों के तीन-तीन लोगों को मिलाकर कमेटी बनाई गई है। महारैली के लिए लोगों के बीच जाकर जनसंपर्क किया जा रहा है। इसमें सभी पुराने रिकार्ड तोड़े जाएंगे। - हरदीप अहलावत, प्रधान, रोहतक खाप 84