रोहतक। नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद सीमा से बाहर अवैध कॉलोनियां नियमित करने की अधिसूचना (पॉलिसी) जारी हो गई है। ये पॉलिसी निकायों की सीमा से बाहर निजी भूमि पर विकसित उन अवैध कॉलोनियों पर लागू होगी, जिनमें निर्माण अथवा विक्रय एक जुलाई 2022 से पहले का है। यह जानकारी उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने दी है।
उपायुक्त ने बताया कि नगर तथा ग्राम योजना विभाग से जारी अधिसूचना के तहत प्रदेश के नगर पालिका क्षेत्रों के बाहर अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन अधिनियम 2021 प्रकाशित किया है। इसमें नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद की सीमा से बाहर विकसित अवैध कॉलोनियों में जरूरी सुविधाओं की पूर्ति का प्रावधान किया गया है। यह अवैध कॉलोनियों में निवास करने वाले लोगों के लिए लाभकारी है, जिसका नागरिक लाभ उठाये। उन्होंने बताया यह पॉलिसी नगर पालिका, नगर निगम व नगर परिषद की सीमा से बाहर पड़ने वाली निजी भूमि पर विकसित अवैध कॉलोनियों पर लागू होगी, जिनमें अवैध निर्माण अथवा कोई विक्रय एक जुलाई 2022 से पहले का है। अवैध कॉलोनी के क्षेत्रफल की कोई अधिकतम अथवा न्यूनतम सीमा नहीं है। कोई कोलोनाइजर, भू-स्वामी या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अधिसूचना जारी होने के छह माह के अंदर आवेदन करके इसका लाभ ले सकते हैं। इसके तहत नियमित नहीं होने वाली कॉलोनियां अवैध निर्माण की श्रेणी में रहेगी। जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिला नगर योजनाकार राज कीर्ति ने बताया प्रावधानों के तहत आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज व अन्य जानकारी के लिए 19 जुलाई को जारी अधिसूचना संख्या एमआईएससी-632एसटीपी(ईएंडवी)/2022/507 देखी जा सकती है अथवा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-एक स्थित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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निर्मित क्षेत्र के प्रतिशत के आधार पर कॉलोनियों का वर्गीकरण
क्र.सं. वर्ग न्यूनतम निर्मित क्षेत्र न्यूनतम सड़क चौड़ाई न्यूनतम पार्क एरिया न्यूनतम वाणिज्यिक
1. ए 25 प्रतिशत 9 मीटर 5 प्रतिशत 4 प्रतिशत
2. बी 25-50 प्रतिशत 6 मीटर 3 प्रतिशत 4 प्रतिशत
3. सी 50-75 प्रतिशत 6 मीटर लागू नहीं 4 प्रतिशत -
4. डी 75-100 प्रतिशत लागू नहीं लागू नहीं 4 प्रतिशत -