रोहतक। आरटीए कार्यालय इन दिनों में वाहन चालकों पर लगाने वाले जुर्माना में अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। लाखों रुपयों का जुर्माना लगाने वाला यह विभाग लोगों को सुविधाएं देने में कतई ध्यान नहीं दे रहा है। हालांकि वाहन पासिंग से लेकर उन्हें हरी झंडी स्वरूप मिलने वाली फाइनल पर्ची आज भी महीनों बाद ही मिलती है। इसी कारण से अधिकारियों को यह समस्या इतनी बड़ी नहीं लगती है। लोग काम करवाने के लिए आरटीए कार्यालय के चक्कर काट काट कर परेशान हो गए हैं। लोगों को पर्याप्त सुविधा देने के अधिकारियों के दावे और दूसरी तरफ परेशान लोग। इसी सच्चाई को जानने के लिए अमर उजाला टीम ने आरटीए कार्यालय में ऑन द स्पॉट रहकर हकीकत को देखा।
कैंटीन संचालक ने 50 रुपये में निकाल कर दिया चालान प्रिंट
मैं सुबह से लाइन में खड़ा था, दोपहर करीब 12 बजे मेरा नंबर आया। नंबर आने के बाद मुझे कैशियर सीट पर बैठे कर्मचारी ने बाहर कैंटीन से चालान पर्ची बनवाकर आने के बारे में कहा। इसके बाद मैं वहां गया और उसने चालान नंबर पूछते ही मेरा चालान प्रिंट निकाल दिया, जिसके उसने मुझसे 50 रुपये लिए हैं। चालान प्रिंट लाने के बाद जब मैं फिर से कैशियर की खिड़की पर पहुंचा तो वहां कर्मचारी ने बिजली न होने की बात कही और चालान 1 बजे तक ही भरे जाने के बारे में कहा।
- पवन, फतेहपुरी कॉलोनी निवासी।
अधिकारी नहीं कर रहे साइन, एक सप्ताह में आया तीसरी बार:
अपनी गाड़ी के सभी कागज पूरे करवाने के लिए मैं एक हफ्ते में तीसरी बार आरटीए कार्यालय आया हूं। तीनों ही दफा मात्र अधिकारी के एक साइन होने के बाबत फाइल को आगे न बढ़ाए जाने के बारे में कर्मचारियों से बताया है। मैं बहुत परेशान हो गया हूं।
- आनंद, भिवानी चुंगी निवासी।
24 नवंबर को ली थी गाड़ी, कागज पूरे करने के लिए कर्मचारी कर रहे मिस गाइड:
मैंने 24 नंबवर को छह टायर ट्रक लिया था। तब से अभी तक न जाने कितने चक्कर आरटीए कार्यालय के लगा चुका हूं। कागज पूरे करने वाले कर्मचारी लगातार मिस गाइड करते हैं। एक विंडो से दूसरी विंडो और दूसरी विंडो से किसी अलग महकमे से कागज पूरे करवाने के बारे में लगातार धक्के खिलाए जा रहे हैं। यहां नजदीक कुछ मिलता भी नहीं है। छोटी छोटी चीज के लिए सुनारिया चौक या दिल्ली बाईपास की ओर दौड़ना पड़ता है। कर्मचारी एक बारी में सभी दस्तावेज नहीं बताते हैं।
- अंकेश, गांव बालंद निवासी।
करीब सवा माह से खराब है जनरेटर, बिजली जाने पर बाहर धूप सेंकते मिले कर्मचारी, लोग परेशान
दोपहर करीब 2 बजे आरटीए कार्यालय की आधे घंटे से ज्यादा समय से बिजली गुल थी। बिजली कट लगने के बाद लोग अपना काम करवाने के लिए कर्मचारियों की खिड़कियों पर खड़े प्रतीक्षा करते रहे। जबकि कर्मचारी सीट से उठकर कार्यालय से बाहर आ गए और धूप सेंकने लगे। हालांकि ये कर्मचारी लोगों को यह कहते हुए नजर आए कि कार्यालय के जनरेटर में डीजल नहीं है। जबकि हकीकत में जनरेटर करीब सवा माह से खराब है। करीब 20 मिनट बाद जब बिजली आई तो कर्मचारी वापस सीट पर लौटे और लोगों को बुधवार को आने की बात कहते हुए 1 बजे तक ही काम होने की बात कहते नजर आए।
चाय की कैंटीन पर किसी भी तरह के दस्तावेज संबंधित काम, फोटोस्टेट या प्रिंट निकलाने जैसा काम नहीं हो सकता है। जैसे ही 50 रुपये में चालान प्रिंट किए जाने के बारे में पता लगा तो कैंटीन संचालक को बुलाकर लताड़ा गया है व उसे भविष्य के लिए उसे चेतावनी भी दी गई है। आरटीए कार्यालय में आने वाले सभी वाहन चालकों से निवेदन हैं कि वे अपने सभी दस्तावेज पूरे कर और गाड़ी को सही हालात में लेकर आए। ताकि उनका यहां अधिक समय नष्ट न हो। उनका काम जल्दी हो। जनरेटर के लिए मुख्यालय को चिट्ठी लिखी हुई है। यहां पिछले कुछ दिनों से बिजली के बहुत ज्यादा कट लग रहे हैं। लोगों की सुविधाओं के लिए हर सभंव प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. संदीप गोयत, सचिव, आरटीए रोहतक।