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स्टेडियम में कपड़े बदलने तक की सुविधा नहीं, फटे मैट पर करना पर रहा अभ्यास

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not changing room in stadioum
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रोहतक। अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर मुक्केबाजी में पदक जीत जिले का नाम रोशन करने वाले गांव रुड़की के शहीद बैतून सिंह स्टेडियम के खिलाड़ी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। कोच विजय हुड्डा ने बताया कि स्टेडियम में महिला मुक्केबाजों के लिए चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं है। खिलाड़ियों को मजबूरन फटे हुए मैट पर अभ्यास करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल बॉक्सर शिक्षा, ज्योति, मोनिका, भारती, संजीता, मीनाक्षी, निशू, प्रवीण व नेशनल बॉक्सर आरती, सोनम, अंजलि, मीनाक्षी मुस्कान इसी स्टेडियम की खिलाड़ी है। उन्होंने कहा कि सीनियर नेशनल में नेशनल चैंपियन 48, 51, 54 भारवर्ग में इसी स्टेडियम की बॉक्सर गोल्ड मेडलिस्ट है। इसी स्टेडियम से 6 लड़कियां लगातार 4 साल से इंडिया टीम में है। इसी स्टेडियम की तीन लड़कियां स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे क्लर्क के पद पर भर्ती हैं। इतनी उपलब्धियां होने के बाद भी इस स्टेडियम में सुविधा ना के बराबर है। न तो लड़कियों के लिए चेंजिंग रूम है न लड़कियों के लिए अलग से बाथरूम है। वहीं रिंग का मैट 5 महीने से फटा हुआ है। मुक्केबाजी का सारा सामान बच्चे व कोच खुद लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि वह 6 साल से बिना फीस के प्रेक्टिस करा रहे हैं। अभी स्टेडियम में आसपास के गांव की दो दर्जन से अधिक लड़कियां फटे हुए मैट पर ही अभ्यास कर रही है। प्रशासन से मांग करते हुए कोच विजय हुड्डा ने कहा कि उपलब्धियों के आधार पर स्टेडियम में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। जब बिना सुविधाओं के खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत के बल पर देश प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, तो सुविधा मिलने पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन और भी बेहतर होगा। जहां के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां सरकार खिलाड़ियों को सुविधा दें तो यह खेलों को असल रूप में बढ़ावा होगा।
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