भवन एवं सड़क निर्माण सब कमेटी और प्रॉपर्टी टैक्स सब कमेटी की मंगलवार को मेयर की मौजूदगी में अलग-अलग बैठक हुईं। पार्षदों ने विकास कार्य गुणवत्ता से नहीं होने का आरोप लगाया। पार्षद की अनुमति के बिना भुगतान नहीं होने पर सहमति बनी। वहीं, निगम की माली हालत को देखते हुए सरकारी बकायेदारों को नोटिस देने और प्रॉपर्टी टैक्स वसूली ज्यादा से ज्यादा करने का फैसला लिया गया। नगर निगम में मेयर मनमोहन गोयल की मौजूदगी में दोपहर करीब 12 बजे से भवन एवं सड़क निर्माण सब कमेटी की बैठक हुई। इसमें पार्षदों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि भुगतान के अधिकार तो दिए गए हैं मगर उनका पालन नहीं हो रहा है। इसकी वजह से पार्षदों को पता नहीं चलता और ठेकेदार को विकास कार्य का भुगतान कर दिया जाता है। पार्षदों को यह पता नहीं चलता है कि वार्ड में कहां काम हो रहा है। आरोप लगाया विकास कार्यों की गुणवत्ता को दरकिनार किया जा रहा है। कन्हेली रोड स्थिति बूस्टिंग स्टेशन की छत गिर गई और तर्क दिया जा रहा कि मिट्टी धंसने से ऐसा हुआ। इस पर कहा गया कि शहर के कई इलाकों में जलभराव घंटों बना रहता है, ऐसे में कोई बिल्डिंग तो नहीं गिरती। इससे जाहिर है कि बूस्टिंग स्टेशन की गुणवत्ता सही नहीं थी। पार्षद प्रतिनिधि देवेंद्र ने आरोप लगाया कि 10-10 लाख रुपये के ठेका हुए मगर आज तक पता नहीं चला कि काम हुए भी या नहीं। वार्ड-पांच से पार्षद गीता ने कहा कि वार्ड में पार्षद की अनुमति से पेमेंट भी नहीं किए जा रहे हैं। इस दौरान डिप्टी मेयर अनिल कुमार, पार्षद सुरेश किराड़, पार्षद जयभगवान, पार्षद सोनू, सब कमेटी चेयरमैन पूनम किलोई के प्रतिनिधि सूरजमल किलोई आदि मौजूद रहे।
वहीं, शाम को प्रॉपर्टी टैक्स सब कमेटी की बैठक हुई। सब कमेटी के चेयरमैन धर्मेंद्र गुलिया पप्पन ने अध्यक्षता की। इसमें पार्षदों ने कहा कि निगम की आर्थिक हालत काफी खराब हो गई है। अभी तक आठ करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली हुई है, जबकि लक्ष्य 50 करोड़ रुपये हैं। ऐसे में सरकारी विभागों से बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए नोटिस दिए जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों से प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया जाए। इस दौरान पार्षद कदम सिंह, पार्षद सोनू, पार्षद सुरेश किराड़ आदि मौजूद रहे।