एक ओर जहां उत्तर भारत में जाटों द्वारा नौकरियों में आरक्षण हासिल करने की
जंग लड़ी जा रही है, वहीं अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के राष्ट्रीय
प्रवक्ता इसके पक्ष में नहीं है।
अखिल भारतीय आदर्श जाट महासभा के
राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं चाणक्य सेना के संयोजक दीपक राठी ने कहा कि जाटों
को आरक्षण की कोई जरूरत नहीं है। आरक्षण से देश में किसी जाति का कोई भला
नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस देश में छह दशक से आरक्षण लागू है।
आरक्षण देश में सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का लॉलीपॉप है।
वे
बुधवार को मैना पर्यटक केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण खत्म करके सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे व
विकास के लिए देश के हर योग्य नागरिक के लिए पांच साल तक फौज की नौकरी
जरूरी होनी चाहिए। फौज ही सही मायने में देश की सेवा करती है। दुनिया के
तमाम विकसित देशों में फौज की नौकरी उनके नागरिकों के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में आरक्षण के लिए जाटों ने आंदोलन किया, लेकिन जब
आरक्षण दिया उसमें वोट की राजनीति के चलते बिश्नोई, त्यागी, रोड एवं सिक्ख
जाटों को भी इसमें शामिल कर लिया गया, जबकि उन्होंने आरक्षण मांगा भी नहीं
था।