रोहतक। पीजीआई में हीमोफीलिया मरीजों को एक महीने से राहत नहीं मिल पा रही है। इनके लिए यहां न फैक्टर आठ उपलब्ध है न इंहिबिटर। नतीजतन मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हीमोफीलिया सोसाइटी ने सरकार व संस्थान प्रबंधन सभी हीमोफीलिया मरीजों को इंहिबिटर देने की व्यवस्था कराने की मांग की है।
संस्थान में प्रदेश के विभिन्न जिलों से हीमोफीलिया के करीब एक हजार से अधिक मरीज पंजीकृत हैं। इनमें से 44 रोहतक के हैं। इन्हें इलाज के लिए बार-बार पीजीआई आना पड़ता है। इन्हें फैक्टर आठ की जरूरत पड़ती है। मरीजों की यह जरूरत पीजीआई में पूरी नहीं हो रही है। इसकी वजह पिछले डेढ़ माह से यहां फैक्टर आठ की अनुपलब्धता है।
यहां पीछे 40 फैक्टर आए थे मगर वह कुछ समय में ही खत्म हो गए। अब मरीजों को फैक्टर के लिए बाजार का रुख करना पड़ रहा है। बाजार में यह फैक्टर महंगा होने के कारण मरीज के परिजनों के लिए इन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है।
मरीजों को हर माह दिया जाए इंहिबिटर
हीमोफीलिया सोसाइटी ने सरकार व पीजीआई प्रशासन से मरीजों को राहत देने की गुहार लगाई है। इसके तहत बीमारी से पीड़ितों को हर माह एक इंहिबिटर देने की अपील की है। इससे मरीजों को बार-बार फैक्टर भी नहीं लगवाने पड़ेंगे। फिलहाल इंहिबिटर उन मरीजों को दिया जा रहा है जिनमें फैक्टर काम नहीं करते हैं। ये फैक्टर की जरूरत वाले मरीजों को हर माह एक दिया जाना चाहिए।
संस्थान में मरीजों को जरूरी दवा उपलब्ध कराई जा रही है। फैक्टर की स्थिति पता कर इनकी व्यवस्था कराई जाएगी। मरीज की जरूरत के अनुसार दवा या इलाज मुहैया करवाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ मरीज दवा विशेष की मांग करते हैं। इनकी हर डिमांड पूरी करना मुश्किल है। -डॉ. कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई।