पीजीआईएमएस के पास ब्लैक फंगस के मरीजों का उपचार करने के लिए इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। यहां डॉक्टर मरीजों के तीमारदारों को कह रहे हैं कि वह अपने इंजेक्शन का स्वयं इंतजाम करें या इंजेक्शन के आने का इंतजार करें। स्थिति यह है कि तीमारदारों को प्रदेश ही नहीं दिल्ली व उत्तर प्रदेश तक इंजेक्शन नहीं मिल रहा है।
पीजीआईएमएस में ब्लैक फंगस के 58 मरीज उपचाराधीन हैं। शुक्रवार देर शाम तक डॉक्टरों की टीम मरीजों के ऑपरेशन की तैयारियों में जुटी रही। संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि हमने सरकार से छह हजार इंजेक्शन की डिमांड भेजी है। उम्मीद है कि शनिवार को छह-सात सौ इंजेक्शन हमें मिल जाएं। इसके बाद किसी को कोई समस्या नहीं आएगी। इन इंजेक्शनों की पहले जरूरत नहीं पड़ती थी, अब एकदम मरीजों की संख्या बढ़ी है। हमारे डॉक्टर मरीजों के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। हम हर मरीज का ध्यान रख रहे हैं। जिन मरीजों को ईएनटी में जगह नहीं मिली, उन्हें नेत्र विभाग के वार्ड में भेज दिया गया है।
वार्ड में ब्लैक फंगस के मरीज को मिला कोरोना
ईएनटी वार्ड में ब्लैक फंगस के एक मरीज को कोरोना मिला है। मरीज को डॉक्टरों ने ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिया है। वार्ड में अन्य मरीज व उनके तीमारदारों में इस घटना के बाद डर का माहौल है। मरीजों ने बताया कि जिस बेड पर कोरोना का मरीज मिला था, उसे सैनिटाइज भी नहीं कराया गया। तकरीबन दो घंटे बाद ही दूसरी मरीज को बेड अलॉट भी कर दिया गया।
दिल्ली और यूपी में भी नहीं मिल रहा इंजेक्शन
हमारे मरीज भील सिंह का ऑपरेशन हो चुका है। वीरवार को तीन चार मरीजों को ही इंजेक्शन दिया गया। आज किसी मरीज को इंजेक्शन नहीं मिला है। डॉक्टरों का कहना है कि इंजेक्शन नहीं है, आते ही दे देंगे। इसलिए तब तक खुद इंजेक्शन का बंदोबस्त कर लो।
- राजकुमार
दिल्ली सिविल लाइन से ब्लैक फंगस के उपचार के लिए आया हूं। पीजीआईएमएस में 12 दिन से हूं। एमआरआई जांच में नाक तक ब्लैक फंगस बता रहे हैं। इंजेक्शन लगने हैं, लेकिन मिल नहीं रहा है। इलेक्ट्रिशियन का काम करता हूं, इतने पैसे भी नहीं है कि महंगे इंजेक्शन खरीद सकूं। दिल्ली व यूपी तक पता कर लिया इंजेक्शन नहीं मिल रहा है।
- अमित
मरीज राकेश जींद से आया है, वह मंडी में अकाउंट का काम करता है। ब्लैक फंगस बीमारी का पता चल गया है। यह समस्या गाल व नाक तक है। इंजेक्शन अधिक जरूरी है, लेकिन मिल नहीं रहा है। वार्ड में चद्दर भी अपनी बिछा कर खुद बेड को सैनिटाइज करना पड़ा है।
- राजेश