26जेएनडी11 : पहला कदम फाउंडेशन बच्चों को पढ़ाई के बारे में जागरुक करते हुए। स्रोत संस्थ
जींद। पहला कदम फाउंडेशन ने गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की है जिसके तहत ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके परिवार बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पाते।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश वशिष्ठ ने बताया कि आज भी देश के कई हिस्सों में ऐसे परिवार हैं जिनके पास दो वक्त की रोटी जुटाना ही एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने या उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ रहते हैं।
इसलिए पहला कदम फाउंडेशन ने निर्णय लिया है कि वह इन बच्चों को न केवल शिक्षा से जोड़ेगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य करेगा। उन्होंने विभिन्न राज्यों और जिलों में ऐसे बच्चों की पहचान शुरू कर दी है। जहां जरूरत हो वहां निशुल्क शिक्षा केंद्र स्थापित किए जाए।
इन केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, स्वच्छता, और जीवन कौशल की भी शिक्षा दी जा रही है। फाउंडेशन का लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं है बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना है। इसके लिए फाउंडेशन स्थानीय शिक्षकों, और स्वयंसेवकों की मदद से एक नेटवर्क तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रयास है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। हर बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। राजेश वशिष्ठ ने कहा कि यह अभियान केवल एक सामाजिक पहल नहीं बल्कि एक आंदोलन है जो समाज में शिक्षा के माध्यम से परिवर्तन लाने की दिशा में काम करेगा।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस नेक कार्य में सहयोग करें ताकि कोई भी बच्चा अंधकार में न रहे और हर बच्चे का भविष्य उज्जवल हो सके। पहला कदम फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल बन रहा है बल्कि यह समाज एकजुट में भी कार्य कर रहा है।