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Rohtak News: प्लाॅट के लिए पड़ोसी की हत्या के दोषी नौ लोगों को उम्रकैद, तीन एक ही परिवार के

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31सीटीके52...रोहतक के बहुअकबरपुर में हत्या से पहले अमित पत्नी सविता व तीनों बच्चाें के साथ। स्र
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रोहतक। छह साल पहले बहुअकबरपुर गांव में 500 गज के प्लाॅट पर कब्जा करने के लिए पड़ोसी अमित की हत्या के नौ दोषियों को एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषियों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना किया।
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, बहुअकबरपुर निवासी सविता ने नवंबर 2019 में पुलिस को शिकायत दी कि उनका पड़ोसी राजू के साथ प्लाॅट को लेकर अदालत में दीवानी केस चल रहा था। अदालत में हार के बावजूद राजू व उसका बेटा सीना प्लाॅट पर कब्जा करना चाहते थे।
विरोध करने पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले उसे घर में घुसकर गोली मारी। इसके बाद उनके पति अमित की खेतों में गोली मारकर हत्या कर दी। छह साल तक अदालत में चली सुनवाई के बाद वीरवार को नौ आरोपियों को दोषी करार दिया गया। शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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हत्या का दोषी बेटा अब माता-पिता संग रहेगा जेल में
अदालत ने बहुअकबरपुर निवासी सुनील उर्फ सीना, उसके पिता राजबीर उर्फ राजू व मां संतोष उर्फ मुकेश, चरखी दादरी जिले के गांव बौंद कलां निवासी कृष्ण, सोनीपत जिले के गांव कथूरा निवासी साहिल व सागर, रोहतक जिले के गांव जसिया निवासी संदीप, राजस्थान के झुंझुनू जिले के चिडावा निवासी राहुल और दिल्ली के वाजिदपुर निवासी अमित को हत्या के दोष में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
व 20-20 हजार रुपये जुर्माना, जानलेवा हमले करने पर 10-10 साल व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, घर में जबरन घुसने पर तीन दोषियों को 3-3 साल कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माना, घातक हथियारों के साथ एकत्रित होने पर छह दोषियों को एक-एक साल कैद 1-1 हजार रुपये जुर्माना व आर्म्स एक्ट के तहत पांच दोषियों को एक-एक साल कैद व 1-1 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

बहन ने छह साल लड़ी इंसाफ की लड़ाई, कपड़े सील कर बच्चे पाल रहीं
झज्जर की जजपा इकाई के पूर्व मीडिया प्रभारी प्रीतम कुकड़ोला ने बताया कि उनकी बहन सविता के पति अमित की मां बचपन में ही गुजर गई थी, जबकि पिता हत्या से दो साल पहले चल बसे थे। पति को इंसाफ दिलाने के लिए सविता ने लंबी लड़ाई लड़ी।
बिना घबराए अदालत में गवाही दी। इतना ही नहीं, कपड़े सीलकर बच्चाें का पालन पोषण किया। प्रीतम ने बताया कि कोर्ट के फैसले से बहन संतुष्ट हैं, लेकिन दोषियों को और कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी।
जज ने पीड़ित पक्ष से पूछा... आप संतुष्ट हो
अमित की बहन पूनम ने बताया कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। दोपहर को कोर्ट में पहुंची तो जज ने उनके वकील से कहा, सभी नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है, क्या पीड़ित पक्ष संतुष्ट है। बहन पूनम बोलीं, हां हम संतुष्ट हैं। पूनम कहती हैं कि पूरा परिवार भाभी के साथ डटकर खड़ा रहा। किसी से डरे नहीं। आखिर में उनको इंसाफ मिला है।
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