महम चौबीसी का गांव निंदाना एक बार फिर वीरवार की शाम साढ़े 7 बजे गोलियों से गुंज उठा। करीब एक माह पहले तिहाड़ जेल से पैरोल पर 10वीं की परीक्षा देने आए गांव के युवक 23 वर्षीय सुमित उर्फ सेठी की पांच युवकों ने गांव के बाहर तालाब के पास गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के पीछे किस गैंग का हाथ है, यह देर रात तक साफ नहीं हो सका। हत्या से ग्रामीणों में फिर दशहत का माहौल है। क्योंकि गांव में सात साल में चार हत्याएं पहले हो चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि सुमित की हत्या किसने व क्यों की, यह परिजनों के बयान व ठोस तथ्य सामने आने के बाद ही हो सकेगा।
महम थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि प्रांरभिक जांच में पता चला है कि सुमित हत्या के केस में तिहाड़ जेल में बंद था। मार्च माह में दसवीं की परीक्षा देने के लिए उसने अदालत से एक माह की पैरोल ली थी। वह रोहतक पेपर भी दे चुका है। उसे अब आठ अप्रैल को वापस तिहाड़ जेल जाना था। वीरवार शाम को वह बाइक पर घर की तरफ आ रहा था। रास्ते में गांव के पूर्व सरपंच आनंद के मकान के नजदीक तालाब के पास बाइक युवकों ने बाइक के आगे बाइक अड़ाकर रास्ता रोक लिया। तब तक सुमित कुछ समझ पाता, युवकों ने उसके ऊपर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। सुमित के एक गोली सिर, दूसरी मुंह व तीसरी छाती में लगी। वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर गया। आरोपी से हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
बाइक छीनकर लाखनमाजरा की तरफ भागे
वारदात के बाद युवक गांव के अड्डे पर पहुंचे और वहां जींद के बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी मंदीप की बाइक
हथियार दिखाकर छीन ली। इसके बाद लाखनमाजरा की तरफ भाग गए। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के एरिया में नाकेबंदी की, लेकिन हमलावरों का सुराग नहीं लग सका।
दो भाईयों में बड़ा था सुमित, जांच में जुटी पुलिस मृतक दो भाईयों सबसे बड़ा था। साथ ही जेल से पैरोल लेकर 10वीं की परीक्षा देने आया था। परीक्षा देने के बाद उसे आठ अप्रैल को वापस जेल जाना था। उससे पहले ही उसकी हत्या की गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों के बयान लेकर केस दर्ज किया जाएगा।
रमेश कुमार, प्रभारी थाना महम
गोबदू व डीसी गैंग के बीच सात साल से चल रही है निंदाना में गैंगवार
महम चौबीसी के गांव निंदाना में पिछले सात साल से गोदू व डीसी गैंग के बीच रंजिश चल रही है। सुमित की हत्या गैंगवार के चलते हुई या नहीं, यह तो परिजनों के बयान दर्ज होने के बाद ही खुलासा हो सकेगा, लेकिन वारदात से ग्रामीणों में डर का माहौल है।
गैंगवार के चलते अप्रैल 2022 में हिसार जिले के गांव पुठ्ठी में बेड़वा रोड पर कार सवार दो युवकों अमित उर्फ गबदू और उसके साथी संदीप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उससे पहले निंदाना में शराब ठेके के पास भी हत्या हुई थी। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक गांव में सात साल से डीसी व गबदू गैंग के बीच दुश्मनी चली आ रही है। कई बार मारपीट भी हुई थी। दोनों पक्ष के लोगों पर कई-कई मामले भी दर्ज हैं। डीसी अभी भी जेल में बंद है। गांव में अब यह बात चर्चा का विषय बनी थी कि अमित उर्फ गबदू के मौत के बाद यह दुश्मनी खत्म हो जाएगी। हालांकि अब सुमित की हत्या ने और कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सैमाण और रिटौली में हो चुकी हैं हत्याएं
जिले के अंदर सैमाण और रिटौली गांव में आपसी रंजिश व गैंगवार के चलते कई हत्याएं हो चुकी हैं। महम खंड के ही गांव सैमाण में पिछले साल रोहित नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी। फिर अशोक टेलर को मौत के घाट उतार दिया गया था। हालांकि पुलिस मामलों में मुख्य आरोपी विकास उर्फ मटरी को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि रिटौली गांव में 2022 में ही तीन हत्याएं हो चुकी हैं। मार्च में पहले दो लोगों की एक दिन में हत्या की गई, जबकि एक सप्ताह बाद एक बस चालक की हत्या की गई थी। पुलिस रिटौली के एक गैंग के ज्यादातर साथियों को दबोच चुकी है, लेकिन दूसरे गैंग से हिमांशु उर्फ भाऊ पुलिस की गिरफ्त से अब भी बाहर है। उसके विदेश भागने की आशंका है।