रोहतक। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने पंजाबी यूनिवर्सिटी के संघर्षशील छात्रों, शिक्षकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में वीरवार को राष्ट्रीय एकजुटता दिवस पर एमडीयू गेट नंबर एक पर प्रदर्शन किया। एआईडीएसओ के प्रदेश सचिव उमेश मौर्य ने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला बजट की भारी कमी की वजह से डेढ़ सौ करोड़ के कर्ज में डूब गई है। यूनिवर्सिटी का बजट बढ़ाने की जरूरत थी, लेकिन पंजाब सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला का इस साल का बजट 200 करोड़ रुपये से घटा कर 164 करोड़ रुपये कर दिया। शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन व पेंशन मामले भी पिछले दो से तीन माह से लटके हुए हैं।शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए यूनिवर्सिटी के पास धन नहीं है। रोजमर्रा के मेंटेनेंस के काम नहीं हो रहे हैं। छात्रों को लैब में काम करने के लिए जरूरत की चीजें अपने पास से खरीदनी पड़ रही है। इसके खिलाफ छात्र, शिक्षक और अन्य कर्मचारी पिछले 14 मार्च से आंदोलन कर रहे हैं। इसके समर्थन में एआईडीएसओ ने राष्ट्रीय एकजुटता दिवस मनाया। एआईडीएसओ के प्रदेश उपाध्यक्ष एचएस राजेश ने कहा कि यह केवल एक पंजाबी यूनिवर्सिटी का मामला नहीं है। देश में सभी यूनिवर्सिटियों के बजट में भारी कटौती की जा रही है। सरकार सबको शिक्षा देने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। छात्रों से पैसा उगाहने के लिए उच्च शिक्षा में बेतहाशा फीस वृद्धि हो रही है। नाजायज फाइन लगाए जा रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस कोर्स चालू किए जा रहे हैं। स्थाई भर्तियों पर रोक लगी है। यह हाल सभी यूनिवर्सिटियों का है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के जरिये यूनिवर्सिटियों को कर्ज के जाल में फंसाया जा रहा है। पाठ्यक्रम से इतिहास, प्रगतिशील साहित्य और लोकतांत्रिक समझ पैदा करने वाले पाठों को हटाया जा रहा है। इसका विरोध किया जा रहा है।